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लोकसभा में संविधान पर चर्चा: तैयार हुआ BJP का प्लान, राजनाथ सिंह करेंगे शुरुआत, पीएम मोदी भी रखेंगे अपनी बात

उमाकांत त्रिपाठी।लोकसभा में संविधान पर चर्चा के लिए बीजेपी ने प्लान तैयार कर लिया है. 13 और 14 दिसंबर को को 12 घंटे तक संविधान पर चर्चा होगी. इसमें भारतीय जनता पार्टी की तरफ से 15 वक्ता होंगे. अभी तक जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक सत्ता पक्ष की ओर से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं. लोकसभा में अंत में पीएम मोदी भी इस पर जवाब देंगे.वहीं राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह संविधान पर चर्चा की शुरुआत करेंगे.

इसलिए विपक्ष लोकसभा चुनाव से पहले संविधान को लेकर भाजपा पर निशाना साधता रहा है
संसद में संविधान पर चर्चा प्रस्तावित है. 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में और 16 और 17 दिसंबर को राज्यसभा में इस पर चर्चा होनी है. इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तैयारी कर ली है. पार्टी का मकसद संविधान पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के साथ विपक्ष को घेरना भी है. वो इसलिए क्योंकि विपक्ष लोकसभा चुनाव से पहले संविधान को लेकर भाजपा पर निशाना साधता रहा है.

बीजेपी की तरफ से चर्चा में भाग लेंगे 15 वक्ता
लोकसभा में 13 और 14 दिसंबर को होने वाली चर्चा के लिए 12 घंटे का वक्त तय किया गया है. इसकी शुरुआत शुक्रवार को दोपहर 12 बजे हो सकती है. अभी तक भाजपा की ओर से इस चर्चा में 15 वक्ताओं को उतारने की तैयारी की गई है. इसमें लोकसभा में सदन के उप नेता राजनाथ सिंह इस चर्चा का आगाज कर सकते हैं. अंत में सदन के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा पर जवाब देंगे.

राज्यसभा में अमित शाह करेंगे चर्चा का आगाज
राज्यसभा में 16 और 17 दिसंबर को संविधान पर चर्चा होगी. इसका आगाज अमित शाह करेंगे. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा इस डिबेट में इंटरविन करेंगे. माना जा रहा है कि इस चर्चा में दिग्गजों को उतारकर भाजपा संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताना चाहती है, इसके अलावा वह विपक्ष के उन आरोपों का भी जवाब देना चाहती है जो संविधान को लेकर लगातार लगाए जा रहे है.

संविधान में बदलाव के नरैटिव का जवाब
संविधान पर चर्चा के बहाने भाजपा लोकसभा चुनाव में विपक्ष के फैलाए नरैटिव का जवाब देना चाहती है. दरअसल चुनाव के दौरान विपक्ष की ओर से बीजेपी पर आरोप लगाया गया था कि- अगर भाजपा सत्ता में आती है तो संविधान में बदलाव कर देगी. चुनाव में भाजपा को कुछ हद तक इस नरैटिव का नुकसान भी होता नजर आया था. इसीलिए पार्टी लगातार हर मंच पर संविधान को लेकर लगाए जा रहे विपक्ष के आरोपों की हवा निकालने की कोशिश में जुटी है.

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