उमाकांत त्रिपाठी। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने राम लला के प्राण प्रतिष्ठा से एक दिन पहले रविवार (21 जनवरी) को स्पेस से ली गई अयोध्या की तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में 2.7 एकड़ में बना राम जन्म भूमि स्थल देखा जा सकता है। तस्वीरों में मंदिर के अलावा सरयू नदी, दशरथ महल और अयोध्या रेलवे स्टेशन भी साफ नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्माणाधीन राम मंदिर की ये तस्वीरों लगभग एक महीने पहले 16 दिसंबर 2023 को खींची गई थी। इसके बाद घने कोहरे के कारण स्पेस से मंदिर साफ नहीं दिख पा रहा है।स्पेस में भारत में 50 से ज्यादा सैटेलाइट्स हैं। उनमें से कुछ का रिजाल्यूशन एक मीटर से भी कम है। ISRO की हैदराबाद स्थित नेशनल रिमोट स्पेस एजेंसी ने इन तस्वीरों को साफ किया है।
मंदिर निर्माण के लिए ली गई थी ISRO की मदद
विश्व हिंदू परिषद के इंटरनेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट आलोक शर्मा ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण में भी ISRO की टेक्नोलॉजी की मदद ली गई है। राम मंदिर निर्माण के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भगवान राम की मूर्ति को ठीक उसी स्थान पर रखना था, जहां माना जाता है कि भगवान राम का जन्म हुआ था। 1992 में बाबरी मस्जिद गिरने के बाद उस जगह 40 फीट की ऊंचाई तक मलबा जमा हो गया था। ऐसे में ISRO की तकनीकी काम आई। राम मंदिर बनाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के कॉन्ट्रैक्टर्स ने ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) का इस्तेमाल किया। लगभग 1-3 सेंटीमीटर तक सटीक को-आर्डिनेट्स तैयार किए गए थे। इससे ही मंदिर के गर्भगृह और मूर्ति की स्थापना का आधार बनाया गया। इस जियोग्राफिकल इंस्ट्रूमेंट में इस्तेमाल होने वाले इक्विपमेंट में ISRO के द्वारा बनाया गया नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन (NavIC) सैटेलाइट के लोकेशन सिग्नल्स शामिल होते हैं।
सज गई राम की नगरी
अयोध्या में 16 जनवरी से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का रविवार 21 जनवरी को छठा दिन है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या की सीमाएं सील कर दी गईं। अब 23 जनवरी तक सिर्फ प्राण प्रतिष्ठा में बुलाए गए मेहमानों को ही पास दिखाकर एंट्री मिलेगी। उधर, अयोध्या को 2000 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है। आज शाम की आरती के बाद अनुष्ठान पूरे हो जाएंगे। वहीं, आज शाम को रामलला की पुरानी प्रतिमा (रामलला विराजमान, जिनकी पूजा हो रही है) को राम मंदिर ले जाया जाएगा। रामलला के साथ उनके तीनों भाई, हनुमान और शालिग्राम भी रहेंगे।














