उमाकांत त्रिपाठी। केंद्र सरकार ने 22 सितंबर से लागू होने वाले GST दरों में बड़े कटौती के फैसले को अर्थशास्त्री और राजनीतिक पर्यवेक्षक दोनों ही अहम मान रहे हैं. इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की एक ऐसी पहल बताया जा रहा है जो न सिर्फ उपभोग और सार्वजनिक खर्च को बढ़ावा देगी, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी के लिए बड़ा तोहफा भी साबित होगी.
22 सितंबर से होगी लागू
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बार त्योहारों के मौसम में उपभोक्ता खर्च रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है. जीएसटी कटौती नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर से लागू होगी, जो दिवाली (20 अक्टूबर) से लगभग एक महीने पहले है. इससे उपभोक्ता खरीदारी को टालने की बजाय बढ़ाएंगे. बजट में नए टैक्स सिस्टम के तहत दी गई इनकम टैक्स राहत के बाद यह सरकार की तरफ से आम जनता के लिए इस साल का दूसरा बड़ा तोहफा है.
चुनाव के मद्देनजर फैसला
बीजेपी आगामी बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु चुनावों में इस कदम को अपने प्रचार अभियान का अहम हिस्सा बनाने जा रही है. पार्टी इस बात पर जोर देगी कि मोदी सरकार ने आम जनता की जेब में ज्यादा पैसा छोड़ा है और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाया है. सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में जीएसटी दरों के सरलीकरण को दिवाली गिफ्ट बताया था, लेकिन सरकार जानती थी कि अगर ये कटौती दिवाली के ठीक पहले की जाती तो उपभोक्ता खरीदारी को टाल सकते थे. इसलिए इसे समय से पहले लागू करने का फैसला किया गया.
जनता को मिलेगी ये राहत
नई दरों के तहत रोजमर्रा की जरूरत की ज्यादातर वस्तुओं पर जीएसटी को घटाकर या तो 5% कर दिया गया है या शून्य. मेडिकल और जीवन बीमा पॉलिसी पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा. साथ ही जीवन रक्षक दवाओं और अधिकांश दवाओं पर कर दरें कम कर दी गई हैं. इससे आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी.
सीतारमण ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार जीएसटी लागू नहीं कर पाई थी क्योंकि राज्यों को केंद्र पर भरोसा नहीं था. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को तय करना होगा कि उसे इस कटौती का समर्थन करना है या विरोध. अगर वे विरोध करते हैं, तो जनता के सामने उनकी असलियत सामने आ जाएगी.’
बीजेपी को उम्मीद है कि कांग्रेस की आलोचना उसे जनता की नजर में ‘एंटी-पब्लिक’ साबित करेगी, जबकि मोदी सरकार का यह कदम चुनावी मैदान में पार्टी के लिए सकारात्मक माहौल बनाएगा.














