उमाकांत त्रिपाठी।मुरैना के बहुचर्चित वकील मृत्युंजय चौहान सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। बुधवार को वकील की मां शिवकुमारी जादौन मुरैना एसपी ऑफिस पहुंचीं। एसपी समीर सौरभ से बिलखते हुए बोलीं, मुझे भी यहीं मार डालो, मेरा बेटा तो चला ही गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी परिवार को धमका रहे हैं।शिवकुमारी जादौन ने कहा,कि- ग्वालियर पुलिस ने घटना को सच मानकर एफआईआर दर्ज की। लेकिन मुरैना पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि मारपीट मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में हुई थी। वकील की मां ने एसपी से मांग की है कि आरोपियों पर मुरैना में भी मारपीट और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज हो।
जानिए- यह है पूरा मामला
वकील मृत्युंजय चौहान की सगाई मुरैना सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई प्रीति जादौन से हुई थी। 12 दिसंबर को मृत्युंजय, प्रीति के सरकारी आवास पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने महिला एसआई को कॉन्स्टेबल अराफात खान के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था।
एफआईआर के मुताबिक, पोल खुलने के डर से एसआई ने कॉन्स्टेबल को उकसाया, जिसने मृत्युंजय को जमीन पर पटककर पीटा। एसआई ने पिस्टल लेकर दो बार फायर करने की कोशिश भी की, लेकिन गोली नहीं चली। दोनों ने धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। मामले में ग्वालियर पुलिस ने महिला एसआई और आरक्षक पर वकील को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है।
12 दिसंबर से चल रही है जांच , नहीं हुई कार्रवाई
एसपी से मिलने पहुंची वकील की मां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, ग्वालियर पुलिस ने जांच में माना है कि 12 दिसंबर को मेरे बेटे मृत्युंजय के साथ एसआई प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान ने मारपीट की थी। इसके बावजूद मुरैना पुलिस आज तक जांच के नाम पर टालमटोल कर रही है।
मां ने रखीं ये 3 प्रमुख मांगें:
मुरैना में FIR हो: लेडी एसआई और आरक्षक अराफात खान के खिलाफ मुरैना में भी एफआईआर दर्ज की जाए।
पिस्टल जब्त हो: वह अवैध पिस्टल जब्त की जाए, जिससे प्रीति जादौन और अराफात ने मृत्युंजय पर गोली चलाने की कोशिश की थी।
जिले से बाहर भेजा जाए: एसआई प्रीति जादौन और आरक्षक को जिले से दूर अटैच किया जाए, क्योंकि वे यहीं रहकर लोगों के जरिए परिवार को धमका रहे हैं।
किराए के मकान में लगाई फांसी
घटना के बाद मृत्युंजय ने मुरैना पुलिस में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके उलट 14 दिसंबर को महिला एसआई ने ग्वालियर में मृत्युंजय के खिलाफ ही झूठा मामला दर्ज करा दिया। इसी मानसिक प्रताड़ना और बदनामी के डर से मृत्युंजय ने 15 दिसंबर को ग्वालियर स्थित अपने किराए के मकान में फांसी लगा ली।ग्वालियर पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि ग्वालियर की गोला का मंदिर थाना पुलिस ने 22 दिन की लंबी जांच के बाद मंगलवार शाम को एसआई और आरक्षक के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल लोकेशन से पुष्टि की कि घटना वाले दिन आरोपी और वकील साथ थे।
ब्लैकमेलिंग के आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि- महिला एसआई, वकील पर शादी का दबाव बना रही थी और उसकी पूर्व पत्नी से तलाक, जमीन-जायदाद और जेवरात हड़पने की कोशिश में थी। मुरैना एसपी समीर सौरभ ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। ग्वालियर पुलिस की ओर से एफआईआर का प्रतिवेदन आना बाकी है। प्रतिवेदन मिलते ही दोनों कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी।














