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गणेश चतुर्थी पर शुरू होगा नए संसद भवन में कामकाज, विशेष सत्र में पुरानी बिल्डिंग से नए भवन का सफर

उमाकांत त्रिपाठी

संसद के विशेष सत्र नए संसद भवन में होगा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक संसद के विशेष सत्र का आयोजन नए संसद भवन में होगा। हालांकि विशेष सत्र के पहला दिन यानी 18 सितंबर का कामकाज पुराने संसद भवन में होगा। 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर नए संसद में कामकाज की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन किया था। संसद की नई बिल्डिंग में कामकाज शुरू होने की लंबे वक्त से प्रतीक्षा थी। संसद के नए भवन  को अत्याधुनिक सुविधाओं और संसाधनों से लैस किया गया है। इसके निर्माण में 862 करोड़ रुपये खर्च हुआ है।

विशेष सत्र को लेकर सियासत

संसद के इस विशेष सत्र को लेकर इन दिनों सियासत भी खूब गर्म है। सरकार ने अब तक सत्र के कामकाज को लेकर कोई जानकारी नहीं साझा की है। संसद के विशेष सत्र के ऐलान के बाद ही इसके बिजनेस को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।

देश की सियासत भी इन दिनों इन्हीं अटकलों के इर्द गिर्द घूम रही है। सत्र के ऐलान के कुछ घंटों के बाद ही सोशल मीडिया पर वन नेशन वन इलेक्शन का शिगूफा छिड़ा तो विपक्षी दल इसे ले उड़े। वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर सियासी बयानबाजी चलने लगी। मोदी सरकार को निशाने पर रखकर सियासी तीर छोड़े जाने लगे।

इस बीच सरकार ने वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर कमेटी के गठन का ऐलान किया तो विपक्ष और भी हमलावर हो गया। सरकार की तरफ से अधीर रंजन चौधरी का नाम कमेटी में शामिल करने का ऐलान हुआ। लेकिन अधीर रंजन चौधरी ने कमेटी में शामिल होने से इनकार कर दिया।

अभी तक वन नेशन वन इलेक्शन की सियासत ठंडी नहीं पड़ी थी कि तब तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस विशेष सत्र में देश का नाम सिर्फ भारत रखे जाने की बात चल निकली। एक बार फिर से विपक्ष इस खबर की पुष्टि हुए बिना ही बयानबाजी की तलवार लेकर सियासी मैदान में भांजने लगा।

इसे मोदी सरकार का विपक्षी गठबंधन इंडिया से डर बताया जाने लगा। विपक्षी गठबंधन में शामिल हर दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर सियासी बयानों की तीरों की बौछार करने लगा। अब जब मोदी सरकार के मंत्री अनुराग ठाकुर इसे खारिज कर दिया तो विपक्ष चारों खाने चित्त हो गया।

इसने ये साबित कर दिया कि विपक्ष भयंकर भ्रम में है। बिना किसी स्रोत से आयी खबरों पर ताबड़तोड़ सियासी बल्लेबाजी करने वाला विपक्ष अब फूंक-फूंककर बयानबाजी कर रहा है। मंगलवार को विपक्षी दलों की बैठक के बाद पहली बार कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कई दिनों बाद विशेष सत्र का एजेंडा पूछा तो अब विपक्ष इसी सुर में बयानबाजी करने लगा है। फिलहाल बयानबाजियों के बीच आयी इस खबर के बाद एक बार फिर विपक्ष सियासत का नया एंगल तलाशने लगा है। ।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नई संसद

सियासी चर्चाओं के बीच एक बार फिर से याद दिला देते हैं कि 10 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के नए भवन का शिलान्यास किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई को देश की पार्लियामेंट की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। नया संसद भवन कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।

पुरानी संसद में लोकसभा में 550 और राज्यसभा में 240 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है। नए संसद भवन से 888 सदस्य लोकसभा में बैठ सकेंगे। जबकि राज्यसभा में 384 सदस्यों की बैठक की व्यवस्था की गई है।

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