उमाकांत त्रिपाठी।पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा है कि उन्हें देश के विकास में अमेरिका का साथ जरूरी है। शाहबाज ने अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन के खत के जवाब में यह बात लिखी।दरअसल, 30 मार्च को बाइडेन ने पाकिस्तानी PM शाहबाज को खत लिखा था। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों की अहमियत बताते हुए पाकिस्तान के लिए अमेरिका के सपोर्ट की बात की थी।इसके जवाब में शाहबाज ने लिखा, “पाकिस्तान वैश्विक शांति, सुरक्षा और देश के विकास और समृद्धि के लिए अमेरिका के साथ काम करने को इच्छुक है। दोनों देश एनर्जी, क्लाइमेट चेंज, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।”
बाइडेन ने नहीं दी शाहबाज को PM बनने पर बधाई
पाकिस्तानी मीडिया ‘द डॉन’ के मुताबिक, PM शाहबाज ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और ग्रीन अलायंस फ्रेमवर्क पहल का स्वागत है।यह पहली बार था जब बाइडेन ने पाकिस्तान में चुनाव के बाद किसी प्रधानमंत्री से बात की। साल 2018 में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने चुनाव जीता था। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनसे कोई बात नहीं की थी।इसके बाद साल 2022 में इमरान की सरकार गिरने के बाद जब शाहबाज शरीफ ने सरकार बनाई, तब भी बाइडेन ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया। वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाइडेन के खत में शाहबाज को सत्ता संभालने या चुनाव जीतने के लिए बधाई नहीं दी गई।
अमेरिका सत्ता करता है काबिज शासन के साथ काम
हाल ही में अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड लू से पूछा गया था, “क्या वॉशिंगटन ने पाकिस्तान में नई सरकार को मान्यता दी है?” इसके जवाब में लू ने स्पष्ट तौर पर कहा था, “अमेरिका का नई सरकारों को मान्यता देने से मतलब नहीं है, हम सत्ता संभाल रहे शासन के साथ ही काम करते हैं।
बाइडेन ने लिखा लेटर
बाइडेन ने अपने लेटर में लिखा कि अमेरिका विकास और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करता रहेगा। दोनों देश मिलकर मजबूत साझेदारी और अपने नागरिकों के बीच बेहतर रिश्ते कायम करेंगे। अमेरिका वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा।इससे पहले पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी राजदूत ने 15 मार्च को पाकिस्तान को अमेरिका का अहम पार्टनर बताया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि पाकिस्तान की नई सरकार अमेरिका के साथ मिलकर द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए काम करेगी।














