उमाकांत त्रिपाठी। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भारत के दौरे पर आए हुए हैं। मंगलवार को वे मुंबई पहुंचे थे और अब 16 सितंबर तक भारत में रहेंगे। इस दौरान वे कई शहरों का दौरा करेंगे और भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे।
वाराणसी में मोदी और रामगुलाम की मुलाकात
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी जाएंगे। वहां वे अपने समकक्ष मॉरीशस पीएम रामगुलाम की मेजबानी करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान आध्यात्मिक और सभ्यतागत जुड़ाव, सांस्कृतिक रिश्तों और लोगों के बीच गहरे संबंधों पर बात की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस मुलाकात से भारत और मॉरीशस के रिश्ते और मजबूत होंगे।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
दोनों देशों के प्रधानमंत्री द्विपक्षीय संबंधों की पूरी समीक्षा करेंगे। खासकर इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश होगी
स्वास्थ्य और शिक्षा
विज्ञान और प्रौद्योगिकी
ऊर्जा और बुनियादी ढांचा
नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर, विंड आदि)
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
ब्लू इकॉनमी (समुद्री संसाधनों का इस्तेमाल)
मोदी का उत्तराखंड दौरा
वाराणसी के कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी देहरादून जाएंगे। वहां वे बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। साथ ही अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री रामगुलाम भी 12 सितंबर को देहरादून एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। यहां उनके भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। 8 दिन की इस यात्रा के दौरान वे उत्तराखंड भी जाएंगे और भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए कई बैठकों में शामिल होंगे।
क्यों अहम है यह दौरा?
मॉरीशस हिंद महासागर में भारत का करीबी दोस्त और रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध भी गहरे हैं। इस यात्रा से न सिर्फ राजनीतिक और आर्थिक रिश्ते मजबूत होंगे बल्कि नए क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते भी खुलेंगे।














