Fatehpur Live-in Murder Case: खबर इंडिया की।उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सामने आया Fatehpur Live-in Murder Case पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में 18 वर्षीय युवती की हत्या का आरोप उसके 42 वर्षीय लिव-इन पार्टनर पर लगा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वारदात के बाद खुद को बचाने के लिए गुमशुदगी की कहानी रची, लेकिन करीब एक महीने बाद युवती की पहचान होने और जांच आगे बढ़ने पर पूरी सच्चाई सामने आ गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और हत्या के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है।
यह मामला फतेहपुर के थरियांव थाना क्षेत्र के औरेई गांव का है, जहां रहने वाली 18 वर्षीय पुष्पा देवी पिछले करीब एक साल से गांव के ही 42 वर्षीय गंगासागर के साथ रह रही थी। गंगासागर की पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और वह अपने बेटे के साथ रहता था। इसी दौरान उसका संपर्क पुष्पा से हुआ और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
कैसे शुरू हुआ Fatehpur Live-in Murder Case?
पुलिस के अनुसार, गंगासागर और पुष्पा की मुलाकात गांव में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और बाद में दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली थी, हालांकि पुलिस अभी इस दावे की भी जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि- नवंबर महीने से दोनों राधानगर थाना क्षेत्र में किराए के एक कमरे में साथ रह रहे थे। युवती के परिजनों का कहना है कि वह लगभग एक साल से परिवार से अलग रह रही थी और लिव-इन रिलेशनशिप में थी।
कुछ समय तक परिवार का बेटी से संपर्क होता रहा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से अचानक उसका फोन बंद आने लगा और कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
जब लंबे समय तक पुष्पा का कोई पता नहीं चला तो उसके पिता महावीर लोधी ने राधानगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिछले लगभग एक साल से गंगासागर के साथ रह रही थी, लेकिन अब काफी समय से उसका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
पिता ने अपनी शिकायत में आशंका जताई कि गंगासागर ने उनकी बेटी की हत्या कर शव कहीं छिपा दिया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की।
इसी दौरान पुलिस को एक अज्ञात महिला के शव की जानकारी मिली थी। शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी, लेकिन करीब एक महीने बाद जांच के दौरान शव की पहचान पुष्पा देवी के रूप में हुई। इसके बाद पूरा मामला हत्या की ओर मुड़ गया।
गुमशुदगी की कहानी बनाकर पुलिस को किया गुमराह
जांच में सामने आया कि- आरोपी गंगासागर ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए गुमशुदगी की कहानी तैयार की थी। शुरुआती पूछताछ में उसने युवती के लापता होने की बात कही और खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की।
हालांकि- जब पुलिस ने कॉल डिटेल, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला तो कई अहम सुराग मिले। इसके बाद आरोपी की कहानी में लगातार विरोधाभास सामने आने लगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि- जांच के दौरान मिले साक्ष्यों ने हत्या की आशंका को मजबूत किया। इसके बाद आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई और पूरे मामले की परतें खुलने लगीं।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
फतेहपुर पुलिस का कहना है कि- Fatehpur Live-in Murder Case में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी, दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और घटना किस परिस्थितियों में हुई, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
जांच टीम डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य फॉरेंसिक तथ्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
फतेहपुर में इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के संबंधों की जानकारी कई लोगों को थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला इतनी दुखद घटना तक पहुंच जाएगा।
परिजनों ने बेटी को न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।














