उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि- विपक्षी दल देश को बदनाम करते हैं। विपक्ष अभियान चला रहा है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। किरेन रिजिजू ने दिल्ली में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के एक कार्यक्रम में कई मुद्दों पर बेबाक राय रखी। आपको बता दें कि अल्पसंख्यकों पर बहस तब शुरू हुई जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया और विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया।
हमारा देश सबसे सुरक्षित
रिजिजू ने कहा कि जब भी पड़ोसी देशों में तनाव या अशांति होती है, तो उन देशों के लोग भारत में शरण लेते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि भारत हमेशा अल्पसंख्यकों के लिए एक सुरक्षित देश है। उन्होंने आगे कहा कि- “संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त समुदाय यानी हिंदुओं को छोड़कर सभी अल्पसंख्यक समुदाय हैं। एक तरफ हमारा देश विकास कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ इस बात पर बहस चल रही है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। 1959 में जब चीन ने उत्तरी सीमाओं पर हमला किया और तिब्बत पर कब्जा कर लिया, तो तिब्बती भारत आए, बर्मा से भी लोग भारत आए, और फिर नेपाल और भूटान से भी शरणार्थी भारत आए। हमेशा से हमारा देश अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित देश रहा है।
बांग्लादेश के लोग भारत आ रहे
बांग्लादेश में जो हो रहा है, लोग भारत आ रहे हैं। श्रीलंका में तनाव के बाद तमिल भी भारत आए। हर कोई भारत आता है, क्योंकि उन्हें पता है कि भारत अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित देश है। मैं भी अल्पसंख्यक हूं, लेकिन मुझे ऐसा कभी महसूस नहीं हुआ।” उन्होंने 2014 के बाद हुए बदलाव पर बात करते हुए कहा कि- “एक समय था जब शिक्षित युवा विदेश जाते थे और वहां समृद्ध होते थे, लेकिन 2014 के बाद हमने एक बदलाव देखा है कि अब यहां काम करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विजन के मुताबिक हमें देश को विकसित करना है। मोदी जी के नेतृत्व में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे और हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और अगले 25 सालों में भारत ‘विकसित राष्ट्र’ बन जाएगा।














