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दिल्ली की जहरीली हवा पर सख्त हुआ SC, ऑड-इवन नियम से 24 घंटे में बने 2200 चालान; 20 हजार तक का लगा जुर्माना

उमाकांत त्रिपाठी। दिल्ली का प्रदूषण और जहरीली हवा के बीच सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सहित अन्य राज्यों को त्योहार के सीजन में दौरान पटाखों से संबंधित मुद्दे पर अपने पहले के जारी आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। SC ने राजस्थान को वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिए। कोर्ट का कहना है कि- त्योहार के दौरान प्रदूषण को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाना हर किसी का कर्तव्य है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के मुताबिक, दिल्ली में 1 नवंबर से 15 नवंबर के बीच प्रदूषण अपने रिकॉर्ड स्तर पर देखा जाता है, दरअसल इसी समय पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं।

प्रदूषण से बेहाल दिल्ली को बचान मुस्तैद हुई पुलिस

जहरीली हवाओं के गुबार में फंसे दिल्ली को बचाने अब पुलिस भी मुस्तैदी से जुट गई है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए दिल्ली में पुरानी गाड़ियों का जमकर चालान काटा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में ट्रैफिक पुलिस ने 2200 लोगों का चालान काटा है वहीं 6757 वाहनों को रोका गया। रविवार को ही दिल्ली सरकार ने सख्ती के साथ एक आदेश जारी किया था। आदेश के मुताबिक- स्कूलों को 10 नवंबर तक कक्षा 10 और 12 को छोड़कर अन्य फिजिकल क्लासे को निलंबित करने का आदेश है। साथ ही वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 13 नवंबर से 20 नवंबर तक ऑड ईवन लागू किया गया है।

ऑड-इवन से नहीं पड़ा प्रदूषण में फर्क

ऑड-इवन रूल… ये नियम साल 2016 में पहली बार लागू किया गया था, जिसके मुताबिक ऑड-इवन संख्या वाली कारों को एक दिन छोड़कर एक दिन चलाने की परमिशन दी जाती है। दिल्ली सरकार वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए यह योजना लागू करती है। इसे लागू होने के बाद प्रदूषण में कोई खास फर्क नजर नहीं आया। मंगलवार को आनंद विहार में 432 AQI मापा गया, आरके पुरम में 437 दर्ज किया गया, पंजाबी बाग में 439 दर्ज किया गया, और न्यू मोती बाग में 410 एक्यूआई मापा गया।

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