खबर इंडिया की।गोमती एक्सप्रेस के एक स्लीपर कोच में रखा टिन का बक्सा जब खुला तो वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं. बक्से के अंदर एक किशोरी का धड़ पड़ा था, जबकि हाथ-पैर अलग थैले में भरे हुए थे. सिर गायब था. रेलवे पुलिस के लिए यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि ऐसा ब्लाइंड मर्डर था जिसने सभी को हिला दिया. लेकिन पुलिस की कुछ दिन की अथक मेहनत के बाद CCTV कैमरों ने ऐसा राज खोला, जिसने इस केस को और भी खौफनाक बना दिया. पता चला कि जिस लड़की के शव के टुकड़े ट्रेन में मिले, उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने पिता ने की थी. वजह सिर्फ इतनी थी कि 15 साल की बेटी शब्बा एक हिंदू लड़के से फोन पर बात करती थी.
ट्रेन में रखा था मौत का बक्सा 17 मई को छपरा पहुंची गोमती नगर एक्सप्रेस के S-1 कोच में यात्रियों की नजर एक लावारिस टिन के बक्से पर पड़ी. पहले लगा कि किसी यात्री का सामान छूट गया होगा, लेकिन काफी देर तक कोई उसे लेने नहीं आया. सूचना पर पहुंची जीआरपी ने जब बक्से का ताला तोड़ा तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई दहल गया. एक किशोरी का धड़ बक्से में रखा था. पास पड़े थैले में हाथ और पैर मिले. शव सलवार-सूट में था, लेकिन सिर गायब था. रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. मामला तुरंत हाई प्रोफाइल जांच में बदल गया. पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था आखिर यह लड़की कौन है और उसका कातिल कहां है?
CCTV में दिखे तीन चेहरे लखनऊ जीआरपी ने ट्रेन के पूरे रूट के स्टेशन खंगालने शुरू किए. हर स्टेशन के CCTV फुटेज चेक किए गए. जांच तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर जाकर रुकी. फुटेज में तीन लोग एक भारी टिन का बक्सा और एक थैला लेकर स्लीपर कोच में चढ़ते दिखाई दिए. कुछ देर बाद वही लोग बगल वाले AC कोच से उतरते नजर आए. पुलिस को शक हुआ. जब तीनों की पहचान हुई तो नाम सामने आए बिग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला. तीनों कुशीनगर के शिवरही इलाके के रहने वाले निकले. इसके बाद पुलिस सीधे गांव पहुंची और पूछताछ शुरू हुई. शुरुआत में आरोपी गोलमोल जवाब देते रहे, लेकिन जब पुलिस ने CCTV फुटेज सामने रखी तो पूरी कहानी खुल गई.
बेटी हिंदू लड़के से बात करती थी पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता बिग्गन अंसारी ने जो बताया, उसने हर किसी को झकझोर दिया. उसने कहा कि उसकी 15 साल की बेटी शब्बा दूसरे समुदाय के एक युवक से फोन पर बात करती थी. कई बार उसे समझाया गया, डांटा गया, चेतावनी दी गई, लेकिन वह नहीं मानी. बिग्गन को डर था कि गांव में उसकी बदनामी हो रही है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह भी बताया कि उसकी दो बेटियां पहले ही घर छोड़ चुकी थीं. अब उसे लगने लगा था कि तीसरी बेटी भी उसी रास्ते पर जा रही है. यही सोच धीरे-धीरे उसके अंदर गुस्से में बदलती गई.
4 किलोमीटर दूर स्टेशन तक ले गए शव हत्या के बाद तीनों आरोपी रात में शव के टुकड़े लेकर घर से करीब चार किलोमीटर दूर तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे. उन्होंने गोमती एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बक्सा और थैला रख दिया. फिर शक से बचने के लिए खुद बगल वाले AC कोच में जाकर बैठ गए. मौका मिलते ही अगले स्टेशन पर उतर गए. उन्हें लगा कि शव कभी पहचान में नहीं आएगा, लेकिन CCTV कैमरों ने उनकी पूरी साजिश खोल दी.
ऑनर किलिंग का मामला मान रही पुलिस
फिलहाल, जीआरपी ने मुख्य आरोपी बिग्गन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी बहन और बहनोई से भी पूछताछ जारी है. पुलिस इस केस को ऑनर किलिंग मानकर जांच कर रही है. साथ ही तालाब और आसपास के इलाकों में लड़की के सिर की तलाश भी जारी है. एक तरफ पिता इज्जत बचाने की बात करता रहा, दूसरी तरफ उसी ने अपनी बेटी की जिंदगी खत्म कर दी. अब यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है.














