उमाकांत त्रिपाठी। महाविकास अघाड़ी (MVA) महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव एक साथ लड़ेगी। यह ऐलान शनिवार, 15 जून को गठबंधन की बैठक के बाद शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे ने किया। उन्होंने ने कहा- लोकसभा चुनाव की जीत MVA के लिए अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। हम सभी दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ेंगे। मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर में हुई इस बैठक में NCP (SCP) नेता शरद पवार, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण शामिल हुए। इस दौरान महाराष्ट्र की जनता को लोकसभा चुनाव में 31 सीटें जिताने पर धन्यवाद दिया।
ये गठबंधन के लिए नई शुरूआत
दरअसल, लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने महाराष्ट्र की 48 सीटों में से 31 सीटें जीती हैं, जबकि भाजपा गठबंधन को 17 सीटें मिली हैं। विधानसभा की 288 सीटों पर अक्टूबर में चुनाव हो सकते हैं। फिलहाल राज्य में शिवसेना शिंदे गुट, भाजपा और NCP अजित पवार गुट की सरकार है और MVA लोकसभा चुनाव की सफलता विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है। शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ने कहा- यह संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई थी। जल्द ही विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। यह सरकार मोदी सरकार थी और अब यह एनडीए सरकार बन गई है। अब देखना यह है कि यह सरकार कितने दिन चलती है।’ पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि जिस तरह से लोगों ने लोकसभा चुनाव में हमें वोट दिया, विधानसभा चुनाव में भी हमें वैसा ही प्यार मिलेगा और अब महाराष्ट्र में भी सत्ता परिवर्तन होगा। वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा- लोकसभा चुनाव की जीत MVA के लिए अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है।’
लोकसभा चुनाव में किस पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं
सुलझ गया मामला, अब नहीं मतभेद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पटोले ने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राज्य में बड़ी ताकत बनकर उभरी है। उन्होंने सहयोगियों से चर्चा के बिना कहा था कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस 150 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उधर, शिवसेना (UBT) ने भी सहयोगियों से चर्चा के बिना विधानपरिषद की 4 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इन सीटों पर 26 जून को चुनाव होना है। उद्धव गुट के फैसले पर कांग्रेस ने नाराजगी जाहिर की थी। नाना पटोले ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात के लिए समय भी मांगा था, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया था। हालांकि, शरद पवार की मध्यस्थता से मामला सुलझ गया था।














