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अमित शाह ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ सस्टेनेबिलिटी, गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘कश्मीर महोत्सव’ को संबोधित किया

Amit Shah addresses 'Kashmir Mahotsav' organized by Indian Institute of  Sustainability, Gujarat University through video conferencing

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ सस्टेनेबिलिटी, गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कश्मीर महोत्सव को संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि भारत सदियों से सहअस्तित्व से आगे बढ़ता आया है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी विविधताओं से भरे देश में सहअस्तित्व की मजबूती के लिए अनेक पहलों के साथ-साथ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का मूलमंत्र दिया। श्री शाह ने कहा कि अनेक संस्कृतियां, भाषाएं, खान-पान और वेशभूषाएं सब हमारी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं से, एक भारत श्रेष्ठ भारत के कॉन्सेप्ट को जीवन मंत्र के रूप में अपनाने का आह्वान किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि कश्मीर कई संस्कृतियों का मेल औरभारत माता का मुकुट मणि है। उन्होंने कहा कि आज कश्मीर में जो परिवर्तन आ रहा है वो कश्मीर के बच्चों के साथ-साथ देशभर के युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। श्री शाह ने कहा कि पिछले साललगभग 1 करोड़ 80 लाख पर्यटक कश्मीर आए, उन्होंने कश्मीरियत और कश्मीर की संस्कृति को जाना और एक अच्छा संदेश लेकर गए। उन्होंने कहा कि एक जमाने में कश्मीर में बम धमाके, हड़ताल व पत्थरबाजी होती थी, लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में आये बदलाव से यहाँ के युवाओं के हाथ में पुस्तकें और लैपटॉप के साथ स्टार्ट अप के लिए नई सोच है और वे विश्व के युवाओं को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। श्री शाह ने कहा  कि कश्मीर से धारा 370 और 35ए हटने के बाद पहली बार वहां डेमोक्रेसी ग्रासरूट स्तर पर पहुंची है। आज जनता के चुने हुए 30 हज़ार से ज़्यादा प्रतिनिधि कश्मीर की पंचायत व्यवस्था में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा गत 9 साल में लाए गए इस परिवर्तन से पूरा देश प्रसन्न है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की और इसके माध्यम से हर गांव को विकास तंत्र और देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को अर्थतंत्र से जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात यूनिवर्सिटी सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. विक्रम साराभाई और श्री नरेन्द्र मोदी जी की यूनिवर्सिटी है, इस विश्वविद्यालय से देश निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कई महान लोग निकले हैं। देश का सबसे पहला इनोवेशन पार्क गुजरात यूनिवर्सिटी में ही बना और आज ये 300 से अधिक स्टार्ट-अप को समर्थन दे रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में अमूल कोऑपरेटिव संस्था 28 लाख महिलाओं के परिश्रम से चलती है और इसका सालाना टर्नओवर 60 हज़ार करोड़ रूपए है। श्री शाह ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी जी की कैबिनेट ने ये निर्णय लिया है कि अगले 3 साल में देश की 2 लाख पंचायतों में मल्टीडायमेंशनल प्राथमिक कृषि ऋण सोसायटी(PACS) बनाई जायेंगी, जिनके माध्यम से इन पंचायतों को ग्रामीण विकास के नए आयाम मिलेंगे।श्री शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय राज्य सरकारों के माध्यम से इन बहुद्देश्यीय पैक्स को ज़मीन पर उतारने का काम कर रहा है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के युवाओं के लिए कई मंच प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया का प्लेटफॉर्म एक ऐसा ही प्लेटफॉर्म है जो युवाओं के अंदर की शक्ति और प्रतिभा को वैश्विक मंच देने का काम करता है। उन्होंने कहा कि कई नए आईटीआई में 4 हज़ार सीटें बनी हैं, 15 हज़ार आईटीआई संस्थानों में 126 स्ट्रीम में 20 लाख से ज़्यादा युवाओं का कौशल प्रशिक्षण हुआ है। श्री शाह ने कहा कि स्टार्ट-अप इंडिया एक ऐसा ही इनीशिएटिव है जिसके तहत आज 70 हज़ार से अधिक स्टार्ट-अप अपने इकोसिस्टम को मज़बूत कर रहे हैं, जबकि 2016 में ये संख्या सिर्फ 724 थी। उन्होने कहा कि मोदी जी द्वारा स्टार्ट-अप इंडिया योजना की शुरूआत के बाद 70 हज़ार से अधिक स्टार्ट-अप बने हैं और इनमें से 44 प्रतिशत स्टार्ट-अप बालिकाएं और महिलाएं चला रही हैं। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न क्लब में आ गए हैं और 45 प्रतिशत स्टार्ट-अप टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं।

श्री अमित शाह ने युवाओं से आह्वान किया कि कश्मीर में भी स्टार्ट-अप मूवमेंट को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने 2015 में मेक इन इंडिया योजना की शुरूआत की और इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2022 में भारत का व्यापारिक निर्यात 400 करोड़ डॉलर को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि पीएलआई योजना के तहत 12 क्षेत्रों में लगभग 3 लाख करोड़ रूपए का नया निवेश आया है। श्री शाह ने कहा कि भारत के युवाओं के लिएपेटेंट रजिस्ट्रेशन के लिए भी कई सुविधाएं प्रदान की गई हैं। उन्होंने बताया कि 2013-14 में भारत से सिर्फ 3 हज़ार आवेदन आते थे, जबकि आज भारत से 24 हज़ार आवेदन सालाना आते हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, डिजिटल इंडिया मिशन, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसी कई योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी देश के युवाओं के लिए लेकर आए हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि ये आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है और प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 से 2047 तक के 25 वर्षों को अमृत काल के रूप मे वर्णित किया है। इस अमृत काल में हमें संकल्प लेना है कि आज़ादी की शताब्दी के समय भारत दुनिया में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम होगा। उन्होंने कहा किजब देश का युवा अपनी बौद्धिक क्षमता, ऊर्जा और जोश को स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और पीएम मुद्रा योजना जैसी योजनाओं के सांचे में ढालेगा, तब भारत को दुनिया में सर्वप्रथम बनने से कोई नहीं रोक सकता।

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