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चीन में 3 बच्चे पैदा करने की मिली मंजूरी, वर्कफोर्स बढ़ाने के लिए लिया गया फैसला

चीनी की सरकार ने देश की आबादी को युवा बनाने के लिए एक नया फैसला लिया है। वहां अब नागरिकों के लिए बच्‍चों के जन्म को लेकर लगाए गाए प्रतिबंधों में ढील दे दी गई है। जिसके बाद अब यहां कपल्‍स तीसरा बच्चा पैदा कर सकेंगे।

सरकार ने यह कदम घटती प्रजनन दर में सुधार लाने और वर्कफोर्स की संख्‍या में आ रही गिरावट को रोकने के लिए उठाया है। आपको बता दें कि 2019 में चीन में प्रसव दर करीब छह दशकों में सबसे निचले स्तर पर आ गई थी। 

दरअसल चीन ने 1970 के दशक के आखिर में तेजी से बढ़ती जनसंख्या दर को धीमा करने के लिए एक बच्‍चा पैदा करने की नीति की शुरुआत की थी। इसके बाद देश में बुजुर्गों की आबादी बढ़ने और वर्कफोर्स घटने लगी। जिसे संयमित बनाए रखने के डर से 2016 में इसे बदल कर दो बच्‍चे पैदा करने की अनुमति दे दी गई थी। फिर भी उम्‍मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने पर चीन की सरकार ने एक बार फिर इस नीति को बदलकर 3 बच्‍चे पैदा करने की अनुमति दे दी है।

दरअसल, चीन में सशक्‍त माएं या तो बच्‍चे को जन्‍म देने में हिचकती हैं, या इसमें देरी करती हैं। दूसरी तरफ युवा जोड़े बच्‍चे की परवरिश में होने वाले खर्च की बढ़ती लागत के कारण पीछे हट रहे हैं। 

चीन की स्‍टेट मीडिया ने कुछ हफ्ते पहले ही संकेत दिया था कि दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश चीन, दंपतियों के बच्चों की संख्या निर्धारित करने की अपनी दशकों पुरानी नीति को खत्‍म करने की तैयारी कर रहा है।

वहीं आयोग की एक घोषणा के मुताबिक परिवार नियोजन की नीतियों का जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन कराने वाले 3 ऑफिस को अब चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के नए ढांचे से हटा दिया गया है। इसके बजाय जनसंख्या निगरानी और परिवार विकास के लिए एक नया ऑफिस बनाया गया है। यह जन्म नीति में सुधार लाने के लिए काम करेगा।

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