उमाकांत त्रिपाठी।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में आज बजट पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री ने भारत की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अपना विश्वास जताया है। उन्हें ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए दोबारा चुना है। मुश्किल दौर में भी भारत की अर्थव्यवस्था चमक रही है।’
निर्मला सीतारमण का लगातार 7वां बजट है। उन्होंने कहा, ‘सरकार का फोकस गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता पर रहेगा। सरकार जॉब्स के अवसर बढ़ाएगी।इससे पहले सुबह वित्त मंत्री ने सबसे पहले मंत्रालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचीं, जहां राष्ट्रपति ने उन्हें दही-चीनी खिलाई। इसके बाद वह संसद भवन पहुंचीं। यहां संसद भवन में कैबिनेट ने बजट को मंजूरी दी।
जानें बजट की 5 अहम बातें
1. पहली नौकरी वालों के लिए: 1 लाख रुपए से कम सैलेरी होने पर, EPFO में पहली बार रजिस्टर करने वाले लोगों को 15 हजार रुपए की मदद तीन किश्तों में मिलेगी।
2. एजुकेशन लोन- जिन्हें सरकारी योजनाओं के तहत कोई फायदा नहीं मिल रहा है, उन्हें देशभर के संस्थानों में एडमिशन के लिए लोन मिलेगा। लोन का 3 परसेंट तक पैसा सरकार देगी। इसके लिए ई वाउचर्स लाए जाएंगे, जो हर साल एक लाख स्टूडेंट्स को मिलेंगे।
3. किसान, युवा, महिला और गरीबों के विकास के लिए अलग-अलग योजनाओं के जरिए बेनिफिट स्कीम लाई जाएगी।
4. 6 करोड़ किसानों की जानकारी लैंड रजिस्ट्री पर लाई जाएगी।
5. 5 राज्यों में नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोली
बजट में पहले ऐलान की जा चुकी कुछ योजनाओं को भी शामिल किया है। खेती में रिसर्च को ट्रांसफॉर्म करना, एक्सपर्ट की निगरानी, जलवायु के मुताबिक नई वैरायटी को बढ़ावा देंगे। नेचुरल फॉर्मिंग से अगले एक साल में एक करोड़ किसान इससे जुड़ेंगे। दाल और दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए प्रोडक्शन, स्टोरेज और मार्केटिंग पर फोकस करेंगे। सरकार का फोकस सरसों, मूंगफली, सनफ्लॉवर और सोयाबीन जैसी फसलों पर होगा।
निर्मला सीतारमण बोली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश कर रही हैं। ये वित्त मंत्री का लगातार 7वां बजट है। उन्होंने अपना भाषण सुबह 11 बजकर 3 मिनट पर शुरू किया। उन्होंने कहा कि ‘भारत की अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है, और आगे भी इसके जारी रहने की उम्मीद है। महंगाई लगातार कंट्रोल में है। खाने-पीने की चीजें भी पहुंच में हैं। जैसा कि अंतरिम बजट में कहा था – गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता – हम इन चार जातियों पर फोकस करना चाहते हैं। एक महीने पहले हमने लगभग सभी मेजर फसलों पर बढ़ी हुई एमएसपी की घोषणा की है। 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना चल रही है।















