उमाकांत त्रिपाठी।भागलपुर. भागलपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को बड़ी सौगात दी है. सबसे पहले अंगिका में उन्होंने संबोधित करते हुए सभी का स्वागत किया. उसके बाद उन्होंने कई चीजों पर चर्चा की. आपको बता दें कि किसान सम्मान निधि योजना की 19वां किश्त किसानों के खाते में भेजी गई. सुबह से किसानों को यह आस थी कि अब खाते में पैसे आएंगे और पैसे आते ही किसानों का उत्साह और बढ़ गया. हवाई अड्डा मैदान में लगभग 3 लाख किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए पहुंचे हुए थे. किसानों को आस थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान सम्मान निधि राशि 2000 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए करेंगे.
जब एक निजी चैनल से बात में बताया गया कि- हमें उम्मीद थी कि राशि में बढ़ोतरी होगी. उनका कहना था कि- 2000 रुपये की राशि किसान के लिए कुछ हद तक सहायता जरूर करती है, क्योंकि अभी पटवन का समय चल रहा है, और इससे डीजल और खाद का खर्च चल जाता है. हालांकि, अगर इसके साथ-साथ बिजली की सुविधा मिल जाए, तो 6000 रुपये की जरुरत नहीं पड़ेगी. बिजली होने से कम दर पर खेतों में पटवन हो सकेगा और समय की पाबंदी भी खत्म हो जाएगी. इससे सही समय पर पटवन हो पाएगा. अगर पैसा हो तो डीजल लेकर पटवन कर लेते हैं, वरना कई बार देरी भी हो जाती है. मोटर होने पर सुबह शुरू करके शाम तक पटवन पूरा कर लिया जाएगा.
बिजली और खाद की हो व्यवस्था
किसानों ने यह भी बताया कि- खाद के दाम तो कम करना चाहिए, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि- खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए. समय पर खाद नहीं मिलने से खेतों में खाद डालने में देरी होती है, जिसके कारण फसल को नुकसान भी उठाना पड़ता है. लेकिन अगर पैसे देकर भी समय पर खाद मिल जाए, तो इससे हमें काफी फायदा होगा. किसानों का कहना था कि- अगर खेतों में बिजली की सुविधा मिल जाए, तो 6000 रुपये की जरूरत नहीं रहेगी. इसलिए सरकार को इस दिशा में जरूर पहल करनी चाहिए.
कई चीजों पर पीएम मोदी ने की चर्चा
आपको बता दें कि- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंगिका में संबोधन करते हुए पहले सभी को सम्मान दिया. उसके बाद यहां के धरोहर के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि- जिस तरीके से नालंदा के गौरव को लौटाया है उसी तरीके से विक्रमशिला विश्वविद्यालय का भी गौरव पुनः वापस होगा. वहीं अजगैबीनाथ धाम समेत अन्य पर्यटक स्थल को संवारने की भी चर्चा की. साथ ही मखाना पर सबसे अधिक चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि- भारत का उत्पादन हर एक देश के हर एक इंसान की थाली में पहुंचना चाहिए. यह हमारी सोच है और यह सोच किसान ही सक्षम कर पाएंगे. ऐसे में हम लोग किसानों के लिए हर संभव प्रयासरत है.















