उमाकांत त्रिपाठी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को गुजरात के अहमदाबाद में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था’ (बीएपीएस) के कार्यकर सुवर्ण महोत्सव’ में शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित लाखों कार्यकर्ताओं और आम लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, प्रमुख स्वामी महाराज ने लाखों लोगों को प्रेरित किया था और उन्हें भी जीवन की मुश्किलों का सामना करने का साहस दिया और समाज के लिए काम करने की प्रेरणा दी। शाह ने कहा,मेरे जीवन मे जब जब भी संकट आया। सबसे पहला फोन मुझे किसी का आया तो वह प्रमुख स्वामी महाराज का। उनका एक ही वाक्य होता था। वे हर बार यही कहते थे भगवान जो करते है, वो सही करते है। उन पर भरोसा रखो, सब अच्छा होगा। चिंता मत कर।
शाह बोले-स्वामीनारायण समुदाय ने शिक्षा के क्षेत्र में भी दिया बड़ा योगदान
गृहमंत्री शाह ने कहा,कि-स्वामी महाराज ने देश और दुनिया में 1200 से अधिक मंदिरों का निर्माण किया, जो आज लोगों को ज्ञान और प्रकाश देने का काम कर रहे हैं। स्वामी महाराज का सबसे बड़ा योगदान उनकी संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिद्धता है। स्वामी महाराज ने नशे के आदी लोगों को नया जीवन दिया, जिससे न केवल उनकी शारीरिक बीमारियां दूर हुईं, बल्कि उनके पूरे परिवार का जीवन बदल गया और वे चिंताओं से मुक्त हो गए। लाखों स्वयंसेवकों को एक उद्देश्य के लिए प्रेरित करना आसान नहीं है। लेकिन स्वामी महाराज ने जीवन भर किया। उन्होंने लाखों स्वसंसेवकों को एक साथ एक रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया। शाह ने आगे कहा कि- स्वामीनारायण समुदाय ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान दिया है।
स्वामी महाराज ने विभिन्न छोटे-छोटे संगठनों को एक साथ लाकर बनाई संस्था-शाह
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा,कि-1972 में स्वामी महाराज ने विभिन्न छोटे-छोटे संगठनों को एक साथ लाकर एक संस्था बनाई। उन्होंने कहा,कि- यह संस्था जो आठ कार्यकर्ताओं से शुरू हुई थी, आज लाखों लोग इसमें जुड़ चुके हैं और यह दिखाता है कि एक संत हमारे जीवन में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। बीएपीएस एक धार्मिक स्वयंसेवी संगठन है, जो निजी विकास के जरिए समाज की बेहतरी के लिए काम करता है और हिंदू धर्म के विश्वास, सेवा और वैश्विक सद्भाव की प्रेरणा देता है।
बीएपीएस सेवा,समर्पण के लिए जाना जाता है -शाह
बीएपीएस संस्था ने प्रमुखस्वामी महाराज के नेतृत्व में मानवता की सेवा के लिए अनेकों कार्य किए हैं। यूक्रेन संकट के दौरान छात्रों की सुरक्षित वापसी से लेकर प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप और सुनामी के दौरान मदद करने तक, बीएपीएस के स्वयंसेवकों ने हर संकट में मानवता का साथ दिया। इस महोत्सव में बीएपीएस के कार्यकर्ताओं के बलिदान और समर्पण को भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया।
बीएपीएस की उपलब्धियां मंदिर निर्माण:
दिल्ली, गांधीनगर, रॉबिंसविल (अमेरिका) और अबू धाबी में भव्य मंदिरों का निर्माण।
आपदा राहत: कोविड-19 और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में मदद।
सांस्कृतिक महोत्सव: 1985 के लंदन उत्सव और 1991 के न्यू जर्सी महोत्सव ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाया।
आदिवासी विकास: 2,000 गांवों में शिक्षा और चिकित्सा सेवाएं।
पर्यावरण पहल: पौधारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान।















