उमाकांत त्रिपाठी। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव प्रचार का आगाज कर दिया है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के धुले में चुनावी रैली को संबोधित किया।
हम आदिवासी परंपरा को पहचान दे रहे- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आदिवासियों के हितों की भी बात की। पीएम ने कहा कि- आदिवासी विरासत को न्याय मिले, आदिवासी युवाओं के बेहतर भविष्य के काम में दशकों लग गए। जब अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार आई, तब अलग आदिवासी मंत्रालय बना। तब पहली बार आदिवासी हितों को, इस समाज की अपेक्षाओं को महत्व मिला। हमारी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मजयंती पर ‘जनजातीय गौरव दिवस’ की शुरुआत की है। इसका मकसद यही है कि आदिवासी परंपरा को पहचान मिले। इस बार 15 नवंबर से अगले 1 वर्ष तक हम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्मजयंती मनाएंगे।
कांग्रेस एक जाति को दूसरे से लड़ा रही- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि- कांग्रेस द्वारा एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने का खतरनाक खेल खेला जा रहा है। और ये खेल इसलिए खेला जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस कभी दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों को आगे बढ़ते नहीं देख सकती। यही कांग्रेस का इतिहास है। भाजपा ने हमेशा ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीयत से काम किया है। इस संकल्प का प्रमुख हिस्सा हमारा आदिवासी समाज भी है। ये वो समाज है, जिनका देश की आजादी में, देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों ने कभी आदिवासी गौरव, आदिवासी स्वाभिमान पर ध्यान नहीं दिया।
कांग्रेस ने बाबा साहेब अंबेडकर का विरोध किया-पीएम
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि आजादी के समय कांग्रेस के समय बाबा साहेब अंबेडकर ने बहुत कोशिश की थी कि शोषितों-वंचितों को आरक्षण मिले। लेकिन नेहरू जी अड़े हुए थे कि किसी भी कीमत पर दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। बहुत मुश्किल से बाबा साहेब दलितों और पिछड़ों के लिए आरक्षण का प्रावधान करा पाए। नेहरू जी के बाद इंदिरा जी आई, उन्होंने भी आरक्षण के खिलाफ ऐसा ही रवैया जारी रखा। उनका भी मकसद यही था कि किसी भी कीमत पर एससी, एसटी, ओबीसी को प्रतिनिधित्व न मिल पाए।
पीएम मोदी ने कहा कि- इंदिरा जी के बाद राजीव गांधी जी आए, उनकी भी सोच और अप्रोच अपने खानदान से अलग नहीं थी। राजीव गांधी ने भी ओबीसी आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। ये लोग जानते थे कि अगर एससी, एसटी और ओबीसी समाज सशक्त हो गया, तो उनकी राजनीति की दुकान का शटर गिर जाएगा। राजीव गांधी के बाद अब इस परिवार की चौथी पीढ़ी के युवराज भी इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहे हैं।
कांग्रेस का एजेंडा SC/ST समाज को तोड़ना- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा है – किसी भी तरह SC/ST समाज की एकता को तोड़े, OBC समाज की एकता को चकनाचूर कर दें। कांग्रेस चाहती है कि SC समाज अलग-अलग जातियों में बिखरा रहे, ताकि SC समाज की सामुहिक शक्ति कमजोर पड़ जाए। कांग्रेस OBC और ST समाज को भी अलग-अलग जातियों में बाटनें की कोशिश कर रही है।















