महाराष्ट्र

उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- धारावी के नाम पर चल रहा अडाणी का विकास

उमाकांत त्रिपाठी।शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धारावी विकास परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ठाकरे का कहना है कि धारावी के विकास के लिए जानबूझकर बिजनेसमैन गौतम अडाणी को टेंडर दिया गया है। धारावी का विकास होना चाहिए, अडाणी का नहीं।

उध्दव ठाकरे बोले
ठाकरे ने कहा कि धारावी के लोगों को 500 वर्ग फुट का घर मिलना ही चाहिए। हर घर में एक माइक्रो व्यापार चलता है। इसके लिए भी उपाय होना चाहिए। ये (भाजपा) मुंबई का नाम अडाणी सिटी भी कर देंगे। इनकी कोशिश चल रही है, उसे हम होने नहीं देंगे।ठाकरे ने शनिवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी महाराष्ट्र की सत्ता में आती है तो अडाणी को दिया गया प्रोजेक्ट रद्द कर दिया जाएगा।

 

जानें प्रेस कान्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे के दो बड़े बयान…
ठाकरे ने कहा कि धारावी के लोगों को पात्र और अपात्र के चक्रव्यू में फंसाने की कोशिश की जा रही है। हमारी सरकार सत्ता में आएगी तो हम धारावी के लोगों को दूसरी जगह नहीं बसाएंगे। धारावी में ही कारोबार की उचित व्यवस्था की जाएगी।

ठाकरे बोलें कि धारावी का विकास होना चाहिए, अडाणी का नहीं। अगर अडाणी धारावी के लोगों की डिमांड पूरी नहीं कर सकते तो दोबारा टेंडर कराया जाए। ग्लोबल टेंडर निकलना चाहिए और पारदर्शिता का पालन होना चाहिए। सरकार को जवाब देना चाहिए कि इसे अभी तक क्यों नहीं रद्द किया गया।

2023 में धारावी के विकास के लिए अडाणी को प्रोजेक्ट मिला

महाराष्ट्र सरकार मुंबई में मौजूद एशिया के सबसे बड़े स्लम धारावी के डेवलपमेंट पर काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने टेंडर निकाला, जो जुलाई 2023 में अडाणी ग्रुप को मिला। सितंबर 2023 में अडाणी ग्रुप ने एक नई कंपनी बनाई। इसका काम धारावी का विकास करना है।

अलग-अलग फेस में रिडेवलप होगा स्लम एरिया
धारावी के स्लम एरिया को अलग-अलग फेस में रिडेवलप किया जाएगा। सबसे पहले वहां रहने वाले लोगों को शिविरों में भेजा जाएगा। इसके बाद वहां पर नए घरों को बनाया जाएगा।

1 जनवरी 2000 से पहले के लोगों को फ्री में मिलेगा मकान
धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट 23 हजार करोड़ का है। प्रोजेक्ट के तहत, जो लोग 1 जनवरी 2000 से पहले से धारावी में रह रहे हैं उन्हें फ्री में पक्का मकान दिया जाएगा। जबकि, जो लोग 2000 से 2011 के बीच आकर यहां बसे हैं, उन्हें इसके लिए कीमत चुकानी होगी।

8 ग्लोबल कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट में  दिखाई थी दिलचस्पी
अडाणी ग्रुप के अलावा बोली लगाने वालों में दूसरे नंबर पर DLF ग्रुप रहा था, जिसने 2,025 करोड़ रुपए की बोली लगाई, जबकि नमन ग्रुप की बोली कैंसिल कर दी गई। इस टेंडर में 8 ग्लोबल कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन असल में सिर्फ तीन कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए बिडिंग डॉक्यूमेंट जमा किए थे।

240 हेक्टेयर में फैला है धारावी का स्लम
धारावी का स्लम 240 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जहां करीब 10 लाख लोग रहते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने पूरे इलाके को अनडेवलप्ड एरिया के रुप में बताया है और इसके लिए एक स्पेशल प्लानिंग अथॉरिटी बनाई है।

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