Amroha Three Sisters Married Cameraman मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक व्यापक चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया गया है कि अमरोहा की तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से मंदिर में शादी कर ली। वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले से जुड़े कई तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
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बताया जा रहा है कि तीनों युवतियां बालिग हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से यह निर्णय लिया है। वहीं, कुछ स्थानीय संगठनों ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए इसे सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया है। दूसरी ओर, युवतियों ने वीडियो जारी कर अपने फैसले का बचाव किया है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के धौरिया गांव की रहने वाली तीन सगी बहनें—सरोज (20), सावित्री (19) और संतोष (18)—ने 17 जुलाई को चामुंडा माता मंदिर में एक युवक विकास उर्फ विक्कू के साथ विवाह किया।
बताया गया है कि विकास पेशे से कैमरामैन है और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने का भी काम करता है। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि उसने तीनों बहनों की मांग में सिंदूर भरा और मंदिर परिसर में विवाह की रस्में पूरी की गईं।
हालांकि, मंदिर प्रबंधन का कहना है कि जिस समय यह घटना बताई जा रही है, उस समय मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा था और वहां कोई पुजारी मौजूद नहीं था।
सोशल मीडिया पर पहले से लोकप्रिय हैं तीनों बहनें
Amroha Three Sisters Married Cameraman मामले का एक पहलू यह भी है कि चारों युवक-युवतियां सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय बताए जाते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों बहनों के इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं, जबकि फेसबुक पर भी उनकी अच्छी-खासी लोकप्रियता है। बड़ी बहन सरोज बीटेक सेकेंड ईयर की छात्रा बताई जा रही हैं, जबकि अन्य दोनों बहनों ने 12वीं तक पढ़ाई की है।
वहीं, विकास इसी वर्ष 12वीं पास कर एलएलबी की तैयारी कर रहा है। बताया गया कि वह पिछले करीब छह महीने से तीनों बहनों के साथ सोशल मीडिया रील्स में पति का किरदार निभाता था।
विरोध के बाद बहनों ने जारी किया वीडियो
वीडियो वायरल होने के बाद कुछ स्थानीय हिंदू संगठनों और व्यापारिक संगठनों ने इस मामले पर आपत्ति जताई। इसके बाद तीनों बहनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि वे बचपन से हमेशा साथ रही हैं और अलग-अलग स्थानों पर शादी नहीं करना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने आपसी सहमति से एक ही युवक के साथ विवाह करने का निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी बालिग हैं और अपनी इच्छा से यह फैसला लिया है। उनका कहना था कि यदि वे अपने निर्णय से खुश हैं तो किसी अन्य व्यक्ति को इससे आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
उपलब्ध जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल वीडियो पर आधारित है। संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने की प्रतीक्षा है।
ऐसे मामलों में केवल वायरल वीडियो के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता। जांच या आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
भारतीय कानून इसकी अनुमति देता है?
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। भारत में विवाह से जुड़े नियम अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के अनुसार संचालित होते हैं।
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में एक समय में एक ही वैध विवाह की अनुमति होती है। यदि किसी मामले में विवाह की वैधता को लेकर विवाद होता है, तो उसका निर्णय संबंधित न्यायालय उपलब्ध तथ्यों और कानून के आधार पर करता है।
इसलिए इस मामले में भी यदि कोई कानूनी विवाद उत्पन्न होता है, तो संबंधित एजेंसियां और न्यायालय कानून के अनुसार निर्णय करेंगे।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
Amroha Three Sisters Married Cameraman को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग हैं।
कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और वयस्कों के निजी निर्णय का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक परंपराओं के विपरीत मानकर सवाल उठा रहे हैं।
वायरल वीडियो और बयान सामने आने के बाद यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों युवतियों ने स्वयं इस विवाह को अपनी सहमति से किया गया निर्णय बताया है। वहीं, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक जांच या पुष्टि का इंतजार है।
जब तक प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इस घटना को वायरल दावों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।














