कानून के रक्षक ही अगर कानून के भक्षक बन जाए तो फिर आप न्याय की उम्मीद किससे करेंगें। कहां जाएंगे अपना दर्द सुनाने जिससे आपकी पीड़ा कम हो। तस्वीरों में हाथ जोड़े इस बुजुर्ग दंपत्ति को देखिए। आंखों में दर्द के आंसू समेटे इस मां को देखिए जिन्हें न्याय के बदले यातना मिली है।
वो भी उस पुलिस से जिसपर जनता के समस्याओं का निदान करने की जबाबदेही है। जिम्मेदारी हर उस एक आंसू को पोछने की है जिसे बहाने के लिए अपराधियों ने मजबूर किया हो। लेकिन यहां तो मामला ही उल्टा है। इंसाफ करने वाले ही गुनहगार बन बैठे हैं। तो फिर न्याय की उम्मीद ही किससे की जाए।
पूरा वाकिया बरेली के सिरौली थाना क्षेत्र के लीलौर गांव का है जहां दबंगों से परेशान एक बुजुर्ग दंपत्ति जब इंसाफ के लिए थाने पहुंचा तो वहां इंसाफ के बदले रिश्वत देनी पड़ी फिर भी दरोगा जी का दिल नहीं पसीजा और अपराधी उसे सताते ही रहें।
दरअसल इस दंपत्ति ने अपने ही गांव लीलौर में एक जमीन खरीदी जिसपर उन्होंने घर भी बना लिया। लेकिन अपराधी आए दिन इन्हें परेशान करते रहते हैं और घेरकर मारते भी हैं। पीड़ित की पत्नी कन्यादेवी ने तो यहां तक कह दिया कि कई बार दंबगों ने तो उनके पति के साथ पिटाई भी की है।
इस बात की शिकायत लेकर जब वो थाने पहूंचे तो दारोगा पवन ने कार्रवाई के नाम पर 20 हजार की रिश्वत भी ले ली और कोई कार्रवाई भी नहीं की।
तब इस दंपत्ति को न्याय के लिए ग्रामीण एसपी के पास जाना पड़ा जहां इन्होंने पूरी घटना विस्तार से बताई। पूरी घटना सुनने के बाद एसपी ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल ने इस संबंध में थानाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही राजस्व विभाग के साथ सामंजस्य बनाकर मामले का निदान करने के निर्देश दिए हैं।













