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मणिपुर हिंसा, इस्तीफा, पीएम मोदी और घोटाले को लेकर खुलकर बोले मणिपुर CM, कर दिया ये बड़ा दावा

उमाकांत त्रिपाठी। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अगले छह महीने के भीतर राज्य में पूरी तरह से हिंसा खत्म करने दावा किया है। उन्होंने सीएम पद से हटने की आशंका को लेकर कहा कि इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं है। मैं इस्तीफा क्यों दूं? क्या मैंने कुछ चुराया है? क्या मेरे खिलाफ कोई घोटाला हुआ है?

पीएम का आना जरुरी नहीं था
बीरेन सिंह ने गुरुवार (29 अगस्त) को न्यूज एजेंसी PTI को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं। उन्होंने एक साल से ज्यादा समय से हिंसा होने के बावजूद पीएम मोदी के मणिपुर नहीं आने पर कहा कि तनाव की स्थिति के बीच पीएम का आना जरूरी नहीं था। पीएम ने संसद में दो बार हिंसा को लेकर अपनी बात रखी थी। CM ने मणिपुर लोकसभा की दोनों सीटें गंवाने, भाजपा की लोकप्रियता में कमी, ड्रग्स और अवैध प्रवासियों के खिलाफ सरकार के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर बात की। उनका पूरा इंटरव्यू पढ़िए…

सवाल- क्या बीजेपी की लोकप्रियता कम हुई है?

CM- नहीं, भाजपा की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। पार्टी की लोकप्रियता अभी भी बनी हुई है। मेरी लोकप्रियता कम हुई है। इसके पीछे लोगों की भावनाएं हैं। जैसे मुख्यमंत्री होने के बावजूद बीरेन सिंह हिंसा का जवाब नहीं दे रहे हैं। मैं मानता हूं कि जवाबी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। बातचीत से समाधान निकलेगा। आप ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तस्वीरें, वीडियो देख सकते हैं। पूरे पूर्वोत्तर मणिपुर में यह अभियान सबसे अच्छा रहा। मैं यह गर्व से कह सकता हूं। विपक्ष ने लोगों को गुमराह करके, मुझे, पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को गाली देकर लोकसभा की दो सीटें जीती हैं। अब हमने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है और लोगों को सच्चाई समझ में आने लगी है।

सवाल- कुकी समुदाय अलग राज्य की मांग कर रहे हैं, क्या करेंगे

CM- हम ऐसा नहीं होने देंगे। मणिपुर बहुत छोटा राज्य है। हमारे पास 2,000 साल पुराना इतिहास है। मेरे पूर्वजों ने राज्य के गठन में बलिदान दिया है। इसलिए हम इस राज्य को तोड़ना नहीं चाहते। राज्य सरकार विकास की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार है। पहाड़ी इलाकों का विकास करना जरूरी है। हम प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी यही अपील करेंगे।

सवाल- क्या प्रधानमंत्री मोदी के जाने से हिंसा रोकने में मदद मिलती?

CM- लोगों ने पीएम मोदी के मणिपुर आने, नहीं आने को मुद्दा बना दिया है। पीएम यहां नहीं आए, लेकिन उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को भेजा। प्रधानमंत्री ने मणिपुर के बारे में तीन बार बात की। पहली बार 23 जुलाई, फिर 10 अगस्त और 15 अगस्त को। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने भाषण में भी इसके बारे में बात की। उन्होंने संसद में दो बार सब कुछ साझा किया। मैं चाहता हूं कि वह आएं, लेकिन इस स्थिति के बीच न आएं। समस्या दो समुदायों के बीच नहीं थी। असल मुद्दा ड्रग्स, अवैध प्रवासियों का पता लगाना था। हमने वन क्षेत्रों से अफीम के बागानों को खत्म कर दिया। हालांकि, हिंसा का मुख्य कारण हाई कोर्ट का आदेश था। मुझे लगता है कि ऐसे तनाव की स्थिति के बीच पीएम का आना जरूरी नहीं था।

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