उमाकांत त्रिपाठी। रियो ओलिंपिक में भारत के लिए कुश्ती में मेडल जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ चुनाव के नतीजे आने के बाद खेल छोड़ने का फैसला किया है। 31 साल की साक्षी ने रोते हुए यह घोषणा की। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) का चुनाव संपन्न होने के बाद महिला पहलवान साक्षी मलिक ने ये बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैं कुश्ती से संन्यास ले रही हूं। WFI चुनाव में बृजभूषण जैसा ही जीत गया है।
जूते उतारकर मेज पर रखे
साक्षी मलिक रोते हुए ने कहा कि हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए। बूढ़ी महिलाएं आईं, ऐसे लोग भी आए, जिनके पास खाने-कमाने के लिए नहीं है। हम नहीं जीत पाए, लेकिन आप सभी का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि हमने पूरे दिल से लड़ाई लड़ी, लेकिन WFI का अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का बिजनेस पार्टनर और करीबी सहयोगी संजय सिंह चुना जाता है तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं। इस दौरान साक्षी ने अपने जूते उठाकर मेज पर रख दिए। दिग्गज पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने कहा कि हमें न्याय नहीं मिला।
साक्षी ने लगाए कई आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक नजर आ रहीं दिग्गज पहलवान साक्षी ने कहा कि फेडरेशन के खिलाफ लड़ाई में बहुत साल लगे। आज जो प्रेसिडेंट बना है, वो उसके बेटे से भी प्रिय है या उसका राइट हैंड कह लीजिए। किसी महिला को भागीदारी नहीं दी गई। मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं। आपको बता दें कि पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह ने एकतरफा जीत हुई है। अध्यक्ष पद के चुनाव में कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता अनीता श्योराण से मुकाबला था। इसे पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह की जीत की तरह ही देखा जा रहा है।
बृजभूषण पर लगे थे कई आरोप
18 जनवरी को भारतीय कुश्ती के तीन बड़े पहलवान बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और बबीता फोगाट ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ जंतर मंतर पर धरना शुरू किया था। उनके साथ कई और युवा रेसलर भी थे। पहलवानों ने उस समय के कुश्ती महासंघ अध्यक्ष के खिलाफ योन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ मुलाकात के बाद पहलवानों ने 21 जनवरी के दिन धरना खत्म कर दिया। संजय सिंह बृज भूषण शरण सिंह के करीबी सहयोगी रहे हैं, उन्होंने कुश्ती के गौरवशाली दिनों को वापस लाने का वादा किया है। हालांकि पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत अन्य रेसलर्स को संजय सिंह के चुनाव लड़ने पर आपत्ति थी, क्योंकि उन्होंने महीने की शुरुआत में खेलमंत्री अनुराग ठाकुर के साथ अपनी बैठक के दौरान इसे व्यक्त भी किया था।















