ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में 364 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 186 रन…! बीते कुछ वर्षों में किसी बल्लेबाज की अंडर प्रेशर सर्वश्रेष्ठ इनिंग। तेज बुखार में धमाकेदार शतक। नाम… किंग कोहली। इधर विराट ने उज्जैन में महाकाल के दर पर अरदास लगाई और उधर रेड बॉल क्रिकेट में 1207 दिनों का शतकों का सूखा खत्म हो गया। भारत जिस टेस्ट मैच को बचाने की सोच रहा था, अगर गेंदबाजी अच्छी रही तो जीतने की उम्मीद भी जग सकती है। विराट के दमदार शतक की बदौलत टीम इंडिया ने कंगारुओं के 480 के जवाब में अपनी पहली पारी में 571 रन बनाए हैं। इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 91 रनों की बढ़त मिली है।
विराट ने जिस वक्त 241 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, तब तक कोहली के बल्ले से सिर्फ 5 चौके आए थे। अगले 10 चौके विराट ने शतक पूरा करने के बाद लगाए। यह बताने को काफी है कि कोहली ने किस जज्बे के साथ यह मैराथन पारी खेली है। विराट जानते थे कि उनके खाते में पिछली 15 टेस्ट पारियों से एक भी अर्धशतक नहीं है। बाहर जितने मुंह, उतनी बातें हो रही हैं। पर विराट जुबान से बोलने की बजाय, महाकाल की शरण में गए। आज तक भोलेनाथ ने किसी को खाली हाथ वापस नहीं भेजा। फिर भला विराट की प्रार्थना स्वीकार कैसे नहीं होती।
जिन लोगों ने विराट को कप्तानी से हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वे T-20 इंटरनेशनल से ड्रॉप करने के बाद टेस्ट टीम में भी विराट की जगह पर नजरें गड़ाए थे। उनकी उम्मीदें और तमाम साजिशें धरी की धरी रह गईं। 241 गेंद पर पूरा किया गया यह शतक लंबे अरसे तक याद रखा जाएगा। जब भी तीनों फॉर्मेट मिलाकर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का जिक्र किया जाएगा, सबसे पहले हर जुबां पर विराट का नाम आएगा। कोई कभी विराट कोहली की इस ऐतिहासिक पारी को भुला नहीं पाएगा।
एक्टिव खिलाड़ियों में विराट कोहली के नाम सबसे ज्यादा 75 इंटरनेशनल शतक हो गए हैं। उनके बाद 45 शतकों के साथ जो रूट और डेविड वॉर्नर का नाम आता है। 30 शतकों का फर्क विराट की महानता बताने को काफी है। इस खूबसूरत पारी के बाद यह तय हो गया है कि विराट हाल-फिलहाल कहीं नहीं जाएगा। शर्त लगा लो, किंग कोहली अपने क्रिकेट करियर में 100वां इंटरनेशनल शतक जरूर लगाएगा। 186 किसी भी फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विराट का सबसे बड़ा स्कोर है। उम्मीद है कि जोरदार आगाज के बाद अंजाम भी दमदार होगा। विराट के नाम इस साल शतकों का अंबार होगा।















