उमाकांत त्रिपाठी। Paper Leak Law को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। गुरुवार आधी रात जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून लाएगी। उन्होंने बताया कि इस कानून के मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा होगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए **फास्ट ट्रैक कोर्ट** बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और उनके परिवारों की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाना है।
PM Modi ने Paper Leak Law पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 2 मिनट 56 सेकंड का वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य अपराध नहीं है। इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और उनके परिवार मानसिक तनाव से गुजरते हैं।
उन्होंने कहा कि बीते ढाई महीनों में सरकार ने कई स्तरों पर कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कई मामलों में जांच जारी है। इसके बावजूद सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इसी उद्देश्य से **Paper Leak Law** तैयार किया जा रहा है, जिसमें कठोर सजा और त्वरित न्याय दोनों का प्रावधान होगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी त्वरित सुनवाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक मामलों के लिए विशेष **फास्ट ट्रैक कोर्ट** बनाने का निर्णय लिया है। इन अदालतों में मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी ताकि वर्षों तक मुकदमे लंबित न रहें।
सरकार का मानना है कि यदि दोषियों को जल्दी सजा मिलेगी तो भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों में कानून का भय पैदा होगा। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रस्ताव को नए कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
NEET Paper Leak के बाद तेज हुई कार्रवाई
पेपर लीक का मुद्दा इस साल **NEET UG परीक्षा** के बाद राष्ट्रीय बहस का विषय बना। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
सरकार ने मामले की जांच **CBI** को सौंपी। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में कार्रवाई की गई और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना था। इसलिए रिकॉर्ड समय में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और परिणाम भी समय पर जारी किए गए।
संसद में पेश हो सकता है नया कानून
प्रधानमंत्री ने बताया कि संबंधित विभागों ने देर रात कानून का मसौदा उन्हें भेज दिया है। शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होगी।
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो अगले सप्ताह संसद में **Paper Leak Law** पेश किया जा सकता है। सरकार इस कानून को जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी ताकि इसे शीघ्र लागू किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित कानून में शामिल हो सकते हैं:
* पेपर लीक मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट।
* दोषियों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान।
* संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई।
* परीक्षा प्रक्रिया में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना।
* जांच एजेंसियों को अधिक अधिकार।
हालांकि अंतिम प्रावधान संसद में पेश होने वाले विधेयक के बाद ही स्पष्ट होंगे।
राहुल गांधी और विपक्ष ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की नाराजगी का समाधान केवल वीडियो संदेश नहीं है।
विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने भी सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
वहीं सरकार का कहना है कि वह केवल बयान नहीं, बल्कि कानूनी और संस्थागत सुधारों के जरिए स्थायी समाधान लाने की दिशा में काम कर रही है।
पिछले कुछ दिनों में पेपर लीक पर पीएम के प्रमुख बयान
पिछले चार दिनों में प्रधानमंत्री मोदी लगातार पेपर लीक को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।
* **21 जुलाई:** NDA संसदीय दल की बैठक में पेपर लीक को “घोर पाप” बताया।
* **23 जुलाई:** पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की।
* **24 जुलाई (आधी रात):** सख्त **Paper Leak Law** लाने और संसद में विधेयक पेश करने की जानकारी दी।
इन बयानों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र की मेहनत बेकार नहीं जाने दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ही योग्य छात्रों को सही अवसर दे सकती है। इसलिए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
यदि प्रस्तावित **Paper Leak Law** लागू होता है तो यह प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
अब सभी की नजर कैबिनेट बैठक और संसद में पेश होने वाले विधेयक पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कितनी सख्ती अपनाती है और नए कानून में कौन-कौन से प्रावधान शामिल किए जाते हैं।














