Assam Flood News:उमाकांत त्रिपाठी।Assam Flood News देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में इस समय बाढ़ की भयावह स्थिति बनी हुई है। लगातार हो रही भारी बारिश और ऊपरी इलाकों में क्लाउडबर्स्ट की घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
Assam Flood News के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर राज्य की स्थिति की जानकारी ली। गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार जल्द ही एक अंतर-मंत्रालयी (Inter-Ministerial) टीम को असम भेजेगी, जो नुकसान का आकलन करेगी और उसके आधार पर राहत एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
शाह ने लिया बाढ़ की स्थिति का जायजा
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत के दौरान राज्य में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र जल्द ही एक Inter-Ministerial Team भेजेगा, जो बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार वित्तीय और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ के दौरान केंद्र सरकार ने असम को हर स्तर पर सहयोग दिया है।
25 जिलों में तबाही, 9 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
राज्य सरकार के अनुसार, इस बार की बाढ़ ने असम के 25 जिलों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। 1800 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं और 9 लाख से ज्यादा लोग इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक—
- 25 जिले प्रभावित
- 1800 से अधिक गांव जलमग्न
- 9 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
- 41 लोगों की मौत
- हजारों मवेशियों की भी मौत
- 148 से अधिक राहत शिविर संचालित
- करीब 30 हजार लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं
यह स्थिति राज्य के लिए बड़ी मानवीय और आर्थिक चुनौती बन चुकी है।
सामान्य से 436 प्रतिशत अधिक बारिश बनी बड़ी वजह
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से 436 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। ऊपरी क्षेत्रों में क्लाउडबर्स्ट और लगातार मूसलाधार वर्षा के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई।
कई ऐसे इलाके भी जलमग्न हो गए जहां पहले कभी बाढ़ की स्थिति नहीं बनी थी। तेज बहाव के कारण सड़कें, पुल, कृषि भूमि और ग्रामीण बस्तियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक वर्षा और बदलते मौसम के पैटर्न के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में इस तरह की आपदाओं की आवृत्ति बढ़ती जा रही है।
युद्ध स्तर पर जारी राहत और बचाव अभियान
Assam Flood News के बीच राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। भारतीय वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन मिलकर प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं।
दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर और नावों का उपयोग किया जा रहा है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूट जाने के कारण राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही है।
राज्य सरकार ने अब तक 148 से अधिक राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां लगभग 30 हजार विस्थापित लोगों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है।
राहत शिविरों में भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध
सरकार की ओर से राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 3 लाख किलोग्राम से अधिक चावल सहित बड़ी मात्रा में राहत सामग्री सबसे अधिक प्रभावित जिलों तक पहुंचाई जा चुकी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत शिविरों में स्वास्थ्य जांच और दवाइयों की व्यवस्था कर रही हैं ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों को रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक राहत अभियान लगातार जारी रहेगा।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगे पुनर्वास
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि नुकसान के आकलन के बाद केंद्र सरकार पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए हरसंभव आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
राज्य सरकार भी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत और किसानों को राहत देने के लिए अलग-अलग योजनाओं पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि- असम जैसे बाढ़ प्रभावित राज्यों में दीर्घकालिक समाधान के लिए नदी प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।














