Ludhiana Lady Inspector Rape Case पंजाब के लुधियाना से सामने आया एक गंभीर मामला है, जिसमें एक लेडी इंस्पेक्टर ने सब-इंस्पेक्टर (SI) साहिबमीत सिंह पर रेप, ब्लैकमेल, आपत्तिजनक वीडियो बनाने, जान से मारने की धमकी देने और तीन बार जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत में महिला अधिकारी ने दावा किया है कि यह पूरा घटनाक्रम वर्ष 2023 में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती से शुरू हुआ और बाद में कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग व लगातार शोषण में बदल गया।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद होटल में बुलाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, लेडी इंस्पेक्टर की मुलाकात वर्ष 2023 में इंस्टाग्राम के जरिए सब-इंस्पेक्टर साहिबमीत सिंह से हुई। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच जान-पहचान हुई।
महिला अधिकारी का आरोप है कि नवंबर 2023 में आरोपी ने उन्हें मुल्लांपुर मिलने के लिए बुलाया। वहां एक होटल में कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई, जिसमें कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला हुआ था। शिकायत के मुताबिक, पेय पदार्थ पीने के बाद वह बेहोश हो गईं।
महिला का आरोप है कि बेहोशी की हालत में आरोपी ने उनकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाए।
न्यूड वीडियो और फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि जब महिला अधिकारी को होश आया तो उन्होंने अपने साथ गलत होने की आशंका जताई। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने बताया कि उसने बेहोशी की हालत में उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए हैं।
महिला का दावा है कि आरोपी ने धमकी दी कि यदि उन्होंने किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की तो वह वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
बार-बार शारीरिक शोषण और ब्लैकमेल का आरोप
लेडी इंस्पेक्टर का आरोप है कि कथित आपत्तिजनक वीडियो के आधार पर आरोपी लंबे समय तक उन्हें ब्लैकमेल करता रहा।
उन्होंने शिकायत में कहा कि आरोपी अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था और वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। सामाजिक प्रतिष्ठा और नौकरी पर असर पड़ने के डर से वह लंबे समय तक शिकायत नहीं कर सकीं।
महिला अधिकारी का कहना है कि इस दौरान वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थीं।
पति को वीडियो भेजने की धमकी देकर तलाक का दबाव
शिकायत के अनुसार, महिला की शादी वर्ष 2022 में हुई थी।
महिला अधिकारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उनके पति और ससुराल वालों को वीडियो भेजने की धमकी देकर उन पर तलाक लेने का दबाव बनाया। बदनामी के डर और लगातार कथित ब्लैकमेल के कारण उन्हें अपने पति से अलग होना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम ने उनकी वैवाहिक जिंदगी पूरी तरह प्रभावित कर दी।
तीन बार जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप
महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कथित संबंधों के दौरान वह तीन बार गर्भवती हुईं।
उनका दावा है कि आरोपी ने हर बार दबाव बनाकर या दवाइयां देकर गर्भपात कराया। शिकायत के अनुसार, यह सब उनकी इच्छा के विरुद्ध हुआ और इससे उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है और फिलहाल इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आरोपी की मां पर भी सहयोग का आरोप
लेडी इंस्पेक्टर ने शिकायत में आरोपी की मां नवनीत कौर का भी उल्लेख किया है।
उनका आरोप है कि जब उन्होंने आरोपी की मां को पूरी घटना बताई तो उन्होंने पुलिस में जाने के बजाय शादी करवाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराने की कोशिश की।
महिला का दावा है कि इस भरोसे के बावजूद कथित शोषण जारी रहा।
इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, SI निलंबित
शिकायत मिलने के बाद थाना दाखा पुलिस ने 23 जुलाई की रात आरोपी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस ने रेप और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। साथ ही आरोपी की मां की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य, मेडिकल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।
जांच जारी, आरोपों की पुष्टि बाकी
फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है। महिला अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की नजर में दोषी नहीं माना जाता।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














