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यूक्रेन में भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किये हुए है भारत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के कारण बड़े संघर्ष के खतरे के बीच भारत, यूक्रेन से अपने नागरिकों को निकालने के लिये वैकल्पिक वायु मार्ग सक्रिय करने सहित आकस्मिक योजना पर काम कर रहा है।

यूक्रेन में तेजी से बदलती स्थिति के मद्देनजर विदेश मंत्रालय ने आकस्मिक योजना पर अमल के लिये कई उच्च स्तरीय बैठकें की ।

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नागरिक विमानों के लिये यूक्रेन का वायु क्षेत्र बंद होने के मद्देनजर भारतीयों खासकर छात्रों को वापस लाने के लिये वैकल्पिक मार्गो को सक्रिय किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास में रूसी भाषा बोलने वाले अतिरिक्त अधिकारी भेजे जा रहे हैं, और पड़ोसी देशों में इन्हें तैनात किया जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास काम कर रहा है और उसके परामर्शों पर ध्यानपूर्वक अमल किया जाना चाहिए ।

एक सूत्र ने बताया, ‘‘ आकस्मिक योजना पर अमल करने की दिशा में काम हो रहा है।’’ उन्होंने बताया कि भारत इस पूर्वी यूरोप के देश से अपने नागरिकों खासकर छात्रों की सहायता के उपायों पर ध्यान केंद्रित किये हुए है ।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत, यूक्रेन में ‘तेजी से बदलती’ स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और इस बात पर ध्यान केंद्रित किये हुए है कि किस प्रकार से भारतीयों की मदद की जा सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम तेजी से बदल रहे हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं । हमारा पूरा ध्यान भारतीय नागरिकों ,खासतौर पर छात्रों की रक्षा और सुरक्षा पर केन्द्रित है । ’’ सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष का विस्तार किया जा रहा है और इसे 24 घंटे काम करने के आधार पर परिचालित किया जा रहा है।

भारतीय दूतावास के कर्मचारियों सहित भारतीयों को वापस लाने के लिये विशेष विमान भेजने की संभावना नहीं है क्योंकि यूक्रेन का वायु क्षेत्र बंद कर दिया गया है।

सूत्रों ने बताया, ‘‘ सरकार वहां भारतीयों की मदद के रास्तों पर ध्यान केंद्रित किये हुए है। ’’ इस विषय पर कई स्तर पर बैठकें हो रही हैं ।

अनुमान के मुताबिक, यूक्रेन में अभी 15 हजार भारतीय हैं ।

यूक्रेन में स्थिति उस समय काफी खराब हो गई जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान की घोषणा कर दी । इसके कारण दोनों देशों के बीच पूर्ण सैन्य संघर्ष की संभावना को लेकर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं ।

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लोदीमिर जेलेनस्की ने कहा कि इस हमले से यूरोप में बड़ा युद्ध शुरू हो सकता है।

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