उमाकांत त्रिपाठी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के अंतर्गत तीन विदेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपा है। ये तीनों ही एमपी में नागरिकता पाने वाले पहले नागरिक हैं जो भारत के नागरिक कहलाएंगे। इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि यह ऐसी कठिनाई थी जिसका निराकरण होने के बाद अखंड भारत की याद आती है।
सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएए के माध्यम से ऐसे लोगों को सुरक्षा की छतरी देने का काम किया है। हमारे परिवार के लोग हमारे पास आ रहे हैं क्योंकि अपने धर्म को बचाना चाहते हैं। इनके जैसे और भी जो लोग आए हैं उनका भी स्वागत है।
समीर-संजना, राखी को मिला सर्टिफिकेट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकता का पहला सर्टिफिकेट समीर, दूसरा संजना मेलवानी और तीसरा सर्टिफिकेट राखी दास को दिया। मंत्रालय में इन तीनों को नागरिकता प्रमाण पत्र देने के बाद सीएम यादव ने कहा कि 1947 के पहले तब की सरकार द्वारा निर्णय किया गया था अपने देश में सभी अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देंगे। इसमें हिन्दू, सिख, बौद्ध, इसाई, जैन पारसी दूसरे देश में रह गए थे कि उन्हें सुरक्षा मिलेगी। काल के प्रवाह में जैसी कि आशंका थी, बड़े पैमाने पर इन धर्मवालंबियों को कष्ट दिए गए।
2012 में आए थे भारत
इसके बाद अपने देश में लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था जबकि मूल रूप से ये विदेशी नहीं बल्कि अखंड भारत का हिस्सा थे। अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश के लोग इन्हें सुरक्षा की छतरी नहीं दे पा रहे थे। संजना और समीर के पिता ने कहा कि 2012 में यहां आए थे और 2015 में आधार कार्ड बने और इसके बाद पीएम मोदी के फैसले से नागरिकता मिल सकी है। वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू किया गया। इसके बाद पहली बार नागरिकता प्रमाण पत्र दिया जा रहा है।














