उमाकांत त्रिपाठी। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को राजस्थान के आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मुख्यालय शांतिवन में पहुंचे। उन्होंने यहां ब्रह्माकुमारीज के डॉयमंड हॉल में सुरक्षा सेवा प्रभाग के आंतरिक जागृति से आत्म सशक्तीकरण विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। साथ ही संस्थान की इस वर्ष की वार्षिक थीम ‘विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान’ की भी राष्ट्रीय लॉचिंग भी की।
अमित शाह ने जवानों के समर्पण को बताया स्वर्णिम योगदान
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा -46 डिग्री से +46 डिग्री तापमान तक जवान अपने जीवन का स्वर्णकाल समर्पित कर करते हैं। उनके त्याग, तप और बलिदान के कारण ही आज देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि योग और अध्यात्म, जवानों के मन, आत्मा और शरीर में संतुलन लाकर उन्हें आत्मबल और मानसिक दृढ़ता प्रदान करते हैं। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे विश्व शांति और मानवीय सद्भावना के क्षेत्र में अग्रणी बताया। राजयोग, उन्होंने कहा, भारत की प्राचीन परंपरा का सार है, जो आज विश्व को “वसुधैव कुटुंबकम्” का संदेश दे रहा है।
दादी रतनमोहिनी को दी श्रद्धांजलि
इस दौरान गृह मंत्री शाह ने पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी को श्रद्धांजलि अर्पित कर नई मुख्य प्रशासिका का स्वागत-सम्मान किया। अमित शाह गृह मंत्री रहते हुए पहली बार आबूरोड पहुंचे हैं। गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार दोपहर 2.45 बजे बीएसएफ के हेलिकॉप्टर से मानपुर हवाई पट्टी पहुंचे। यहां से 2.50 बजे रवाना होकर सड़क से 2.55 बजे ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन पहुंचे। यहां डॉयमंड हॉल में गृहमंत्री ने ब्रह्माकुमारीज की सुरक्षा सेवा विंग के आत्म जागरण के माध्यम से आत्म सशक्तीकरण पर रजत जयंती राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लिया।














