क्रिकेट

संजू सैमसन को गुमनामी के अंधेरे में ना धकेला जाए, उनको भी टीम इंडिया में खेलने का अवसर दिया जाए

8 साल में सिर्फ 28 इंटरनेशनल मैच…! संजू सैमसन के साथ भारतीय टीम में हो रहे अन्याय के लिए इससे ज्यादा कुछ और कहने की शायद आवश्यकता नहीं है। श्रेयस अय्यर चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में नहीं खेल रहे हैं। ऐसे में BCCI ने संजू सैमसन को श्रेयस अय्यर के रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं चुनकर बड़ी गलती कर दी है। सैमसन जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को एक बार फिर से चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज कर दिया। चाहे कुछ भी हो, टीम इंडिया से हर बार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को बाहर होना पड़ता है। जब ऋषभ पंत टीम इंडिया का हिस्सा थे, उस वक्त भी संजू को बतौर बल्लेबाज टीम में चुने जाने की मांग होती थी। अब पंत की अनुपस्थिति में भी संजू को शामिल ना किया जाना हैरान करने वाला फैसला है।

संजू सैमसन ने भारत के लिए साल 2015 में अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी, तब से लेकर अभी तक उनका टीम इंडिया से अंदर-बाहर होने का सिलसिला चल रहा है। संजू सैमसन विस्फोटक बल्लेबाज, बेहतरीन विकेटकीपर होने के अलावा फील्डिंग में भी शानदार योगदान देते हैं। भारत की टीम में इन दिनों टेस्ट क्रिकेट में केएस भारत और सीमित ओवरों के मुकाबलों में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को मौके दिए जा रहे हैं, लेकिन वे दोनों इन सभी मौकों पर खरे नहीं उतर सके हैं। ईशान किशन के वनडे में दोहरे शतक को छोड़ दें, तो उन्होंने टीम इंडिया के लिए पिछली 11 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ जनवरी, 2023 खेली गई 3 मैचों की वनडे सीरीज में ईशान किसी भी मैच में दहाई के आंकड़े को भी नहीं छू पाए। इसके बाद ईशान किशन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शामिल किया गया लेकिन 1 भी मैच खेलने का अवसर नहीं दिया गया। वनडे सीरीज में भी सिर्फ 1 मैच में मौका देकर फिर बेंच पर बिठा दिया गया। केएस भरत ने बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज के 4 मुकाबलों की 6 पारियों में 20 की औसत से सिर्फ 101 रन बनाए। इस दौरान शतक तो छोड़िए, उन्होंने एक भी अर्धशतक नहीं लगाया। ईशान किशन निश्चित तौर पर एक शानदार विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, लेकिन उनके साथ ही संजू सैमसन को भी अवसर मिलना चाहिए था। खासकर ऋषभ पंत के चोटिल होने के बाद सैमसन पहली पसंद होने चाहिए थे।

केएल राहुल बतौर बल्लेबाज इंडियन टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद रहे हैं। ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में संजू को ना चुनने के लिए राहुल से विकेटकीपिंग कराना भी अचरज भरा फैसला लगता है। संजू सैमसन ने भारत के लिए 11 वनडे मैचों में 330 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान संजू सैमसन का एवरेज 66 का रहा है और 86* उनका सर्वाधिक स्कोर रहा है। संजू सैमसन ने 17 टी-20 मैचों में 301 रन बनाए हैं। 77 रन उनके बल्ले से इस फॉर्मेट में बतौर सर्वाधिक स्कोर आए हैं। किसी भी क्रिकेटर के लिए टीम इंडिया से बाहर होना बहुत दर्दनाक होता है, क्योंकि इसके बाद दोबारा भारतीय टीम में वापसी करना बहुत मुश्किल होता है।

संजू ने अपने T-20 करियर में ओवरऑल 220 पारियों में 5617 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 458 चौके और 240 छक्के आए हैं। अगर लिस्ट ए करियर की बात करें, तो संजू सैमसन ने 108 पारियों में 3014 रन बनाए हैं। इस दौरान 212* रन बतौर सर्वाधिक स्कोर आए हैं। जिस तरह ऋषभ पंत के चोटिल होने के बावजूद संजू सैमसन को टीम से बाहर रखा जा रहा है, वह इस चैंपियन खिलाड़ी के साथ अन्याय है। अगर इसी तरह वाइट बॉल क्रिकेट में टीम बनाने को लेकर उतार-चढ़ाव चलता रहेगा, तो वर्ल्ड कप वाले साल में इंडियन टीम की मुश्किलों का सिलसिला थम नहीं पाएगा। नतीजा सामने है, 234 गेंदें शेष रहते भारत 10 विकेट से मैच गंवाएगा।

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