उमाकांत त्रिपाठी। राजस्थान के 6 विभागों करीब 20 हजार नई नियुक्तियां हुईं हैं। सिलेक्ट हुए कैंडिडेट को आज विशेष कार्यक्रम के जरिए जॉइनिंग लेटर दिए गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने टैगोर ऑडिटोरियम में हो रहे कार्यक्रम में 7 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मैंने भी टीचर बनने की बहुत कोशिश की थी। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य के क्षत्र में काम करने वाले हैं। पेशेंट को एक कोड नंबर मिले। इस कोड नंबर से पेशेंट की पूरी हिस्ट्री मिलेगी। इसे खोलकर डॉक्टर उसकी पूरी जानकारी ले सके। इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
हम 70 हजार नए पदों की भर्ती कर रहे हैं। 58 हजार पदों के लिए विज्ञापन जारी कर चुके हैं। साढ़े 11 हजार पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। इसके अलावा 5500 पदों की वित्तीय स्वीकृति हमने जारी कर दी है।
हर साल 70 हजार नौकरी देगी सरकार
फॉर्म भरकर पढ़ने जाता था। आपको नियुक्ति पत्र मिलते ही परिवार के मन में कैसा भाव होगा। हम जानते हैं। इससे पहले कैबिनेट मंत्री राज्यवर्द्धन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार हर साल 70 हजार युवाओं को नौकरी देगी। वहीं, मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि कुछ समय पहले तक राजस्थान में परीक्षाओं पर सवाल उठ रहे थे। सीएम के एंटी चीटिंग टास्क फोर्स बनाने के बाद युवाओं का विश्वास फिर से कायम हुआ है। भविष्य में हर नई भर्ती में सिलेक्ट हुए युवाओं को जॉइनिंग लेटर देने के लिए बड़े समारोह किए जाएंगे। सीएम भजनलाल हर बार रोजगार उत्सव में जयपुर या किसी एक जिले में खुद जॉइनिंग लेटर देंगे, बाकी जगहों से चयनित युवा वीसी के जरिए जुड़ेंगे।
मैंने भी टीचर बनने की कोशिश की
हमने आरपीएससी में भी कहा है कि कलेंडर चाहिए। हम वैकेंसी भी एडवांस में निकालने वाले हैं, क्योंकि पता है कितने लोग रिटायर होने वाले हैं। इससे समय पर एग्जाम होकर नियुक्ति हो सके। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि जब युवा 18 साल का होता है तो उसे मत देना का अधिकार मिलता है। इसके साथ कुछ कर्तव्य भी होते हैं। इन्हें ध्यान रखने चाहिए। युवा को सरकार चुनने का अधिकार मिलता है। उसके साथ समाज, राष्ट्र और माता-पिता के लिए कर्वतव्य क्या है। हम जिस सेवा में गए हैं, उसमें हमारे कर्तव्य क्या हैं। इन्हें ध्यान रखना चाहिए।
मैंने भी टीचर की नौकरी की बहुत कोशिश की। फॉर्म भरकर पढ़ने जाता था। आपको नियुक्ति पत्र मिलते ही परिवार के मन में कैसा भाव होगा। हम जानते हैं। इससे आगे वाली पीढ़ी को भी आत्मबल मिलता है।














