लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे केएल राहुल का टेस्ट करियर लगभग खत्म हो गया है। इंडियन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें उप-कप्तान के पद से हटा दिया है। दरअसल राहुल टेस्ट टीम के उप-कप्तान थे और ऐसे में उन्हें ड्रॉप करने में परेशानी आ रही थी। केएल राहुल को जैसे ही उप-कप्तान के पद से हटाया गया, यह साफ हो गया कि तीसरे टेस्ट मैच में उनकी जगह शुभ्मन गिल को मौका दिया जाएगा। पिछले 12 टेस्ट मैचों से सिर्फ 1 अर्धशतक लगा सके केएल राहुल की खराब फॉर्म को लेकर टीम मैनेजमेंट की भारी आलोचना की जा रही थी और अब कड़ा निर्णय ले लिया गया है।
बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज 2023 के पहले टेस्ट मैच में भी केएल राहुल ने 20 रनों की अति महत्वपूर्ण पारी खेली थी। उनकी शानदार बल्लेबाजी के बदौलत ही भारत ने नागपुर टेस्ट में बगैर दूसरी पारी खेले ऑस्ट्रेलिया को एक इनिंग और 132 रनों से करारी शिकस्त दी थी। दूसरा टेस्ट भी टीम इंडिया ने 6 विकेट से जीत लिया। दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर केएल राहुल सिर्फ 18 रन बना सके। केएल राहुल ने अपना टेस्ट डेब्यू 2014 में किया था। इसके बाद से 47 टेस्ट मैचों में वो महज 33.4 की औसत से 2642 रन ही बना पाए हैं। बुरे प्रदर्शन के बावजूद केएल राहुल को लगातार मौके दिए गए, लेकिन वह उन अवसरों का लाभ नहीं उठा सके।
केएल राहुल को लेकर दूसरे टेस्ट के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने बयान दिया था कि इन पिचों पर रन बनाना मुश्किल है। हम हर हाल में केएल राहुल का समर्थन करते रहेंगे।
कप्तान के बयान के साथ ही कोच राहुल द्रविड़ ने भी कहा था कि यह हर खिलाड़ी के साथ होता है। हम आने वाले वक्त में भी केएल राहुल के साथ लगातार खड़े रहेंगे। इन दोनों बयानों से इंडियन क्रिकेट को लेकर बहुत बुरा संदेश गया था। जिन पिचों पर आर. अश्विन और अक्षर पटेल जैसे बल्लेबाज आसानी से रन बटोर रहे हैं, उन्हें कप्तान रोहित के द्वारा बल्लेबाजी के लिए मुश्किल बताना क्रिकेट प्रेमियों के गले नहीं उतरा। नतीजा यह रहा कि केएल राहुल को बाहर करने की मुहिम तेज हो गई और ऐसे में उन्हें उप-कप्तान के पद से हाथ धोना पड़ा। उम्मीद है कि अब केएल राहुल की जगह शुभ्मन गिल को बतौर ओपनर मौका दिया जाएगा। उन्हें टेस्ट टीम में धमाकेदार प्रदर्शन करने के लिए लगातार भारतीय टीम के प्लेइंग XI में शामिल किया जाएगा।















