मध्य प्रदेश

MP विधानसभा का बजट सत्र: नर्सिंग घोटाले पर सदन में हुआ हंगामा, जयवर्धन ने कहा बसों के टेंडर में घोटाला हुआ, विजयवर्गीय बोले- जांच कराएंगे!

उमाकांत त्रिपाठी। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन भी हंगामा जारी रखा। नर्सिंग घोटाले के मामले में विपक्ष की नारेबाजी की। इस बीच कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने ध्यानकर्षण के जरिए सवाल पूछा की- अमृत योजना के जरिए बसों के लिए 2 टेंडर जारी किए गए थे। इसके मुताबिक भोपाल में 450 बसें आनी थी, जबिक सिर्फ 15 ही आईं… वहीं जबलपुर में 200 बसें आनी थी लेकिन 50 बसें ही आ पाई। जयवर्धन सरकार से पूछा कि- इसे लेकर सरकार ने ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की और अबतक कितना फंड जारी किया गया। इस पर जवाब देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया- जैसे-जैसे यात्री संख्या बढ़ेगी, बसों की संख्या भी बढ़ती जाएगी। मंत्री ने इस मामले में विभाग प्रमुख सचिव को जांच के आदेश दिए हैं, उनका कहना है कि कुछ गलत हुआ है तो सरकार जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

बजुर्गों की पेंशन बंद होने का मामला उठा
सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद नहीं की गई है और ना ही बंद की जाएगी। सिर्फ समय-समय पर भौतिक सत्यापन और e-kyc का काम किया जा रहा है। उन्होंने ये जानकारी विधानसभा में कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी के ध्यानाकर्षण के जवाब में दी। उनका कहना था कि- पात्र लोगों की पेंशन बंद की जा रही है, अब फिर से बुजुर्गों को आवेदन कर आधार कार्ड के हिसाब से अप्लाय करना पड़ रहा है।

नर्सिंग घोटाले पर हुआ हंगामा
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन नर्सिंग घोटाले के मामले में मंत्री विश्वास सारंग को लेकर हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सारंग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन पर चर्चा की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्हें सूचनाएं मिली हैं। इनका परीक्षण करने के बाद आगे का निर्णय लेंगे। विपक्ष चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा। इसके चलते सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। इससे पहले विधायक हरदीप सिंह डंग ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने का मामला उठाया। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘प्रदेश में एक नेक्सस काम कर रहा है। जिसको रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने कड़े कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। हम अवैध कॉलोनियों को वैध नहीं करेंगे, लेकिन जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखेंगे।’

 

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