उमाकांत त्रिपाठी।राज्य की भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर राजनैतिक नियुक्तियों की चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रदेश में बीजेपी नेताओं की सक्रियता जयपुर से दिल्ली के बीच बढ़ती नजर आ रही है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे हाल में पीएम नरेंद्र मोदी से वन टू वन मुलाकात कर चुकी हैं और सोमवार को फिर दिल्ली पहुंच गईं।इधर सीएम भजनलाल शर्मा भी आज दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसमें उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की है। शाह से मुलाकात के बाद राजस्थान में नए साल में मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर राजनीतिक नियुक्तियों की चर्चाएं तेज हो गई है। प्रदेश में पार्टी स्तर पर इस बारे में सुगबुहाट काफी सुनाई दे रही है।
जनवरी के अंतिम सप्ताह में होगा बजट सत्र संभावित
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार जनवरी के अंतिम सप्ताह में बजट सत्र बुला सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से इस संबंध में विधानसभा को कोई चिट्ठी-पत्री जारी नहीं की गई है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार या तो जनवरी के पहले सप्ताह में या फिर मार्च के बाद ही संभव है। इस बीच अगले साल लॉकल बॉडी चुनाव भी होने हैं। इसलिए सरकार इन चुनावों से पहले कुछ राजनीतिक नियुक्तियों करने की तैयारी जरूर कर रही है।
उपचुनाव की कामयाबी से है उत्साह
दरअसल, राजस्थान उपचुनाव में मिली कामयाबी और सरकार के एक साल पूरे होने पर हुए सफल आयोजन के बाद भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पिछले दिनों भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और सरकार के वरिष्ठ मंत्री जोगाराम पटेल के एक साथ दिल्ली पहुंचे थे, हालांकि तब दिल्ली में किसी बड़े नेता से उनकी मुलाकात नहीं हुई थी, लेकिन आज भजनलाल दिल्ली के प्रभावशाली नेताओं से मिल रहे हैं।
जानें- वसुंधरा राजे की सक्रियता के मायने
वहीं वसुंधरा राजे की सक्रियता भी बीजेपी में चर्चाओं में है। बीते एक साल में राजे इस बार जितनी सक्रिय नजर आ रही हैं वैसा पहले कभी देखने को नहीं मिला। वे न सिर्फ दिल्ली के नेताओं से मुलाकात कर रही हैं बल्कि संघ से भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। ऐसे में चर्चा यह है कि राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार राजे कैंप के लोगों को अच्छा मौका मिल सकता है।














