क्रिकेट

सूर्यकुमार यादव को टेस्ट क्रिकेट में अवसर दिया जाए, सिर्फ एक टेस्ट के प्रदर्शन के पर निर्णय ना लिया जाए

BCCI ने साफ कर दिया है कि सूर्यकुमार यादव के लिए इंडियन टेस्ट टीम में जगह नहीं है। सूर्या श्रेयस अय्यर के रिप्लेसमेंट प्लेयर के तौर पर टीम में आए थे और डेब्यू टेस्ट खेलने के बाद उन्हें दूसरा टेस्ट नहीं मिलेगा। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे धमाकेदार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज में आगे नजर नहीं आएंगे। उनकी जगह श्रेयस अय्यर टेस्ट सीरीज खेलेंगे। भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने दिल्ली में खेले गए दूसरे टेस्ट से पहले कहा था कि मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर अगर 5 दिन के मैच के वर्कलोड को झेलने की स्थिति में होंगे, तो अपने पिछले प्रदर्शन के आधार पर टेस्ट टीम में ‘वापसी’ करेंगे। उनके बयान के मुताबिक श्रेयस अय्यर ने सूर्यकुमार यादव के बदले टीम में जगह बनाई और दिल्ली टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर 16 रन का योगदान दिया।

श्रेयस पहली पारी के 26वें ओवर की दूसरी गेंद पर नाथन लियोन के खिलाफ फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर लपके गए। फर्स्ट इनिंग में उन्होंने 15 गेंदें खेलकर 4 रन बनाए। दूसरी पारी में 22वें ओवर की चौथी गेंद पर नाथन लियोन के खिलाफ बड़ा शॉट खेलते हुए वह डीप मिडविकेट में आसान सा कैच दे बैठे। दूसरी पारी में 10 गेंदें खेलकर श्रेयस के खाते में 12 रन आए। श्रेयस अय्यर को पिछले महीने श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के दौरान पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी थी। वह पिछले एक महीने से राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिहैबिलिटेशन के दौर से गुजर रहे थे। इस चोट के कारण वह सीरीज के पहले टेस्ट की टीम में जगह नहीं बना सके थे।

श्रेयस अय्यर की फिटनेस को लेकर अभी भी कुछ सवाल मौजूद हैं क्योंकि पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने कहा था कि कई खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस के बावजूद इंजेक्शन लेकर टीम इंडिया में खेल रहे हैं। 79 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 45 की औसत से 5549 रन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव का टेस्ट डेब्यू उतना खास नहीं रहा था। वह एक पारी में केवल 8 रन बना सके थे। हालांकि इसके बावजूद टीम इंडिया ने वह मुकाबला एक पारी और 132 रनों से अपने नाम कर लिया था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सूर्या के नाम 28 अर्धशतक और 14 शतक हैं। इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 200 रन रहा है।

सूर्यकुमार यादव ने लिस्ट ए करियर की 109 पारियों में भी 3287 रन बनाए हैं। घरेलू क्रिकेट में वर्षों तक धमाकेदार प्रदर्शन करने का ईनाम अब जाकर सूर्यकुमार यादव को मिला था, लेकिन उन्हें सिर्फ एक टेस्ट के बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। सूरज को हथेली से कितने दिन तक छिपाओगे? एक न एक दिन उसकी गर्मी से तुम्हारे हाथों पर छाले पड़ जाएंगे और फिर सूरज बादलों को चीर कर निकल आएगा। सूर्यकुमार यादव के लिए यह बात बिल्कुल सही बैठती है। हालांकि अभी भी कुछ लोग सूरज की रोशनी को छिपाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। पर वो शायद भूल गए हैं कि इस गर्मी को बर्दाश्त कर पाना उनके बूते का नहीं है।

टेस्ट डेब्यू के इतर गौर करने वाली बात यह है कि क्रिकेट के इतिहास में किसी फॉर्मेट में सूर्यकुमार यादव के अलावा किसी और बल्लेबाज ने सिर्फ 875 गेंदें खेलकर 1500 रन नहीं पूरे किए। भारत के लिए T-20 इंटरनेशनल में सूर्यकुमार यादव ने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस दिग्गज बल्लेबाज ने T-20 इंटरनेशनल करियर में अब तक 13 अर्धशतक और 3 शतक बनाए हैं। सूर्यकुमार यादव ने T-20 इंटरनेशनल का पहला शतक इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। दूसरा शतक न्यूजीलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था और तीसरा शतक भारत में श्रीलंका के खिलाफ। तीनों ही टीमों का गेंदबाजी आक्रमण धारदार है। ऐसे में यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो सूर्या को छोटी टीमों के खिलाफ चलने वाला बड़ा खिलाड़ी बोलते थे।

गौर करने वाली बात ये भी है कि तीनों ही शतक 6 महीने के अंदर आए हैं। सोचकर देखिए कि जिस प्रतिभा को वर्षों दबाकर रखा गया, वह किस कदर निखर कर बाहर आ रही है। 31 साल की उम्र में डेब्यू और 32 साल की उम्र में दुनिया का नंबर वन T-20 बल्लेबाज। सूर्यकुमार यादव से पहले दुनिया का कोई खिलाड़ी इतनी जल्दी शीर्ष पर नहीं पहुंचा था। सूर्यकुमार यादव के 2022 के टी-20 इंटरनेशनल के प्रदर्शन को देखें, तो उन्होंने 30 मैचों में 1151 रन बनाए। 2 शतक और 9 अर्धशतक जड़ा। सबसे पहले 10 जुलाई, 2022 को सूर्या ने इंग्लैंड के खिलाफ शतक ठोका, जहां उन्होंने 55 गेंदों पर 117 रन बना दिए। फिर 20 नवंबर, 2022 को न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंदों पर 111* रन जड़ दिए। यानी सूर्या ने 2022 में 11 बार 50 से अधिक रनों की पारी खेली। स्ट्राइक रेट 188 का रहा।

भारत के लिए सेकंड डाउन बल्लेबाजी करने वाले सूर्या 2022 में 6 बार नाबाद भी लौटे। 2023 में उन्होंने नाबाद शतक जड़ दिया। सूर्यकुमार यादव ने बीते साल T-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 105 चौके और 67 छक्के लगाए। पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान 996 रन के साथ दूसरे स्थान पर रहे। सूर्यकुमार 2022 में टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 1000 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज रहे। जिस खिलाड़ी को सिर-आंखों पर बिठाना चाहिए था, उसे सिर्फ एक टेस्ट मैच खेलने का अवसर देकर पूरी सीरीज से बाहर कर देना समझ से परे है।

हकीकत तो यह है कि जब 2011 में सूर्यकुमार यादव ने रोहित शर्मा के साथ मुंबई की तरफ से खेलते हुए ताबड़तोड़ 73 रन बनाकर ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब जीता था, उसी वक्त वह क्रिकेट प्रेमियों की नजर में आ गए थे। फिर उसी साल रणजी ट्रॉफी में सूर्या सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इसके बावजूद कि घरेलू क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव लगातार झंडे गाड़ रहे थे, बीसीसीआई और चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी तरफ कभी नहीं गया। सूर्यकुमार यादव के 10 साल बर्बाद करने के बाद 2021 में उनका टीम इंडिया में चयन किया गया और इस खिलाड़ी ने टीम में जगह परमानेंट करने के 1 साल के भीतर नंबर वन T-20 बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल कर लिया।

सूर्यकुमार यादव जैसी बल्लेबाजी करते हैं, वैसा क्रिकेट की दुनिया में कभी नहीं देखा गया। उनकी तुलना जरूर एबी डिविलियर्स से की जाती है लेकिन सूर्या के कुछ शॉट्स डिविलियर्स ने भी कभी नहीं खेले। सूर्या आसानी से अपनी फिटनेस के बूते आने वाले 7-8 वर्षों तक भारत के लिए कमाल करके दिखाएंगे। पर अगर सिर्फ 1 टेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया जाएगा, तो सूर्या चाह कर भी अपनी चमक नहीं बिखेर पाएगा।

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