विराट कोहली ने 1207 दिन बाद टेस्ट क्रिकेट में 28वां शतक पूरा कर लिया है। भीषण बुखार के बीच सेंचुरी सचमुच यादगार है। विराट ने 241 गेंदों पर शतक पूरा करते हुए सिर्फ 5 चौके लगाए। इसके बाद किंग ने टीम के लिए तेजी से रन बटोरने की खातिर आक्रामक बल्लेबाजी की और 10 चौके लगाए। कुल मिलाकर विराट ने 364 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 186 रन बनाए। यह बताने को काफी है कि कोहली ने किस जज्बे के साथ यह मैराथन पारी खेली है।
विराट जानते थे कि उनके खाते में पिछली 15 टेस्ट पारियों से एक भी अर्धशतक नहीं है। बाहर जितने मुंह, उतनी बातें हो रही हैं। पर विराट जुबान से बोलने की बजाय, महाकाल की शरण में गए। आज तक भोलेनाथ ने किसी को खाली हाथ वापस नहीं भेजा। उन्हीं के आशीर्वाद से विराट बुखार में भी बल्ले से प्रहार करते रहे।
जिन लोगों ने विराट को कप्तानी से हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वे T-20 इंटरनेशनल से ड्रॉप करने के बाद टेस्ट टीम में भी विराट की जगह पर नजरें गड़ाए थे। उनकी उम्मीदें और तमाम साजिशें धरी की धरी रह गईं। 241 गेंद पर पूरा किया गया यह शतक लंबे अरसे तक याद रखा जाएगा। जब भी तीनों फॉर्मेट मिलाकर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का जिक्र किया जाएगा, सबसे पहले हर जुबां पर विराट का नाम आएगा।
एक्टिव खिलाड़ियों में विराट कोहली के नाम सबसे ज्यादा 75 इंटरनेशनल शतक हो गए हैं। उनके बाद 45 शतकों के साथ जो रूट और डेविड वॉर्नर का नाम आता है। 30 शतकों का फर्क विराट की महानता बताने को काफी है। इस खूबसूरत पारी के बाद यह तय हो गया है कि विराट हाल-फिलहाल कहीं नहीं जाएगा। शर्त लगा लो, किंग कोहली अपने क्रिकेट करियर में 100वां इंटरनेशनल शतक जरूर लगाएगा।















