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जिस तरह गुजरात खेल रही है, वह निश्चित तौर पर प्लेऑफ का सफर तय करेगी

मोहम्मद शमी और राशिद खान की खौफनाक गेंदबाजी के बूते गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से पीट दिया है। यह टूर्नामेंट में गुजरात की लगातार दूसरी जीत थी और दिल्ली की लगातार दूसरी हार…! इस मुकाबले के साथ राशिद खान ने 389 टी-20 पारियों में 530 विकेट पूरे कर लिए। इस दौरान उनकी इकोनामी 6.4 की रही है और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन देकर 6 विकेट। मुकाबला किला कोटला में था और अपनी टीम का समर्थन करने ऋषभ पंत भी मैदान पर पहुंचे थे। 48,000 दर्शकों के सामने टॉस हार्दिक पंड्या ने जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर लिया। मोहम्मद शमी ने गेंदबाजी की शुरुआत राउंड द विकेट की और उनके सामने डेविड वॉर्नर खासे असहज नजर आए। एक वक्त को तो लगा कि शमी पहले ही ओवर में वॉर्नर का शिकार कर लेंगे। हालांकि कुछ गेंद एक्स्ट्रा स्विंग के कारण वाइड जरूर गईं और 1 गेंद तो बाय के तौर पर सीमा रेखा पार चली गई। आलोचकों को कहने का मौका मिल गया कि मोहम्मद शमी आज गुजरात की लुटिया डुबो देंगे।
पर कहते हैं ना कि आप आगाज से नहीं, बल्कि अंजाम से पहचाने जाते हैं। मोहम्मद शमी ने तीसरे ओवर की चौथी गेंद आउटसाइड ऑफ थोड़ी तेज गति से शॉर्ट ऑफ लेंथ डाली। पृथ्वी शॉ ने पुल करने का प्रयास किया लेकिन गति से मात खा गए और मिड ऑन फील्डर को आसान सा कैच। शॉ के खाते में आए 7 और दिल्ली को 29 के स्कोर पर पहला झटका लग गया। पांचवें ओवर की पहली गेंद शमी ने बैंक ऑफ लेंथ आउटसाइड ऑफ डाली। मिचेल मार्श ने पॉइंट की दिशा में खूबसूरत पंच करते हुए चौका अपने नाम कर लिया। शमी ने अगली गेंद भी उसी जगह पर बैक ऑफ लेंथ थाली और अबकी बार पंच करने के प्रयास में मार्श बोल्ड हो गए। मार्श 4 गेंद पर 4 रन बनाकर वापस लौट गए। इस बीच मोहम्मद शमी ने हमें सिखाया कि अगर आप तो खुद पर भरोसा करेंगे, तो सफलता झक मारकर कदम चूमेगी।
शमी ने तो अपना काम कर दिया था, लेकिन पहले मुकाबले की तरह दूसरे मैच में भी वॉर्नर एक फंसी हुई पारी खेल रहे थे। मतलब उनके बल्ले से रन आ नहीं रहे थे लेकिन वह बीच मैदान टिके हुए थे। अल्जारी जोसेफ के नवें ओवर की दूसरी गेंद को कट करने के प्रयास में वॉर्नर चूके और बोल्ड हो गए। अगली ही गेंद पर रूसो भी बैकवर्ड पॉइंट में कैच दे बैठे। स्कोर 67 पर 2 आउट से 67 पर 4 आउट हो गया। इसके बाद राशिद खान ने सरफराज खान को 30 के निजी स्कोर पर चलता किया। दरअसल सरफराज स्वीप शॉट खेलने में चूके और लॉन्गलेग फील्डर को कैच दे बैठे। 19वें ओवर की चौथी गेंद पर अमन हकीम खान भी राशिद की लेग ब्रेक को पढ़ नहीं सके और एक्स्ट्रा कवर पर कैच थमा कर चलते बने। अंतिम ओवर की चौथी गेंद पर मोहम्मद शमी के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने के फिराक में आखिरकार अक्षर पटेल स्वीपर कवर पर तैनात डेविड मिलर को कैच दे बैठे।
अक्षर पटेल ने 22 गेंद पर 163 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 2 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 36 रन बनाए। अंतिम लम्हों में खेली गई इस पारी की तारीफ की जा सकती है, लेकिन कहीं ना कहीं दिल्ली के फैंस को भी पता था कि मुकाबला खत्म हो चुका है। 20 ओवर में 163 का टारगेट गुजरात की बैटिंग लाइनअप के सामने कुछ नहीं था। हालांकि एनरिक नॉर्त्या सीजन का पहला मैच खेल रहे थे और उन्होंने तीसरे ओवर की पहली गेंद पर रिद्धिमान साहा को 14 के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया। दरअसल गेंद स्क्रैंबल्ड सीम के साथ डाली गई थी और टप्पा खाने के बाद अंदर की तरफ आई। असली खेल पांचवें ओवर की पहली गेंद पर हुआ। नॉर्त्या ने 148.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बॉल डाली और गिल ने उसे सिंगल के लिए ऑन साइट पर धकेलने का प्रयास किया। लाइन मिस हुई और शुभ्मन गिल 13 गेंद पर 14 बनाकर बोल्ड।
36 पर 2 विकेट खो चुकी गुजरात संभालती, इसके पहले ही 54 के स्कोर पर उसे कप्तान हार्दिक पंड्या का विकेट भी गंवाना पड़ा। दरअसल पावर प्ले की अंतिम गेंद खलील अहमद ने 146 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डाल दी। बगैर किसी फीट मूवमेंट ऑफ साइड में शॉट खेलने का प्रयास कर रहे हार्दिक के बल्ले का बाहरी किनारा विकेटकीपर के दस्तानों में चला गया। कोई और टीम होती तो यहां से पैनिक कर जाती, लेकिन पिछले सीजन की चैंपियन गुजरात के पास अंत तक बल्लेबाजों की फौज भरी पड़ी है। यहां से साईं सुदर्शन और विजय शंकर ने मिलकर 44 गेंद पर 53 रनों की पार्टनरशिप कर ली। विजय शंकर 23 गेंद पर 29 रन बनाकर मिचेल मार्श के 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर LBW हो गए, लेकिन वह अपना काम कर चुके थे।
21 वर्षीय साईं सुदर्शन ने 48 गेंदों पर 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 62 रनों की शानदार पारी खेली। विलियमसन के चोटिल होने के बाद उन्हें फर्स्ट डाउन बल्लेबाजी करने का मौका मिला और सुदर्शन ने दोनों हाथों से इसका भरपूर फायदा उठाया। अंत में डेविड मिलर ने 193 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 2 चौकों और 2 छक्कों के साथ ताबड़तोड़ 31 रन जड़ दिए और 19वें ओवर की पहली गेंद पर ही मुकाबला खत्म कर दिया। इस मैच से एक बात तो साफ हो गई जिस तरह गुजरात खेल रही है, वह निश्चित तौर पर प्लेऑफ का सफर तय करेगी। दूसरी बात यह कि ऋषभ पंत के स्टेडियम में आने के बावजूद दिल्ली की किस्मत नहीं बदलने वाली है। पंत पूरा सीजन नहीं खेल पाएंगे और उनकी अनुपस्थिति में दिल्ली शायद टेबल में नीचे से टॉप करे। गुजरात की बात करें, तो यह टीम फिर से एक दफा चैंपियन बनने के लिए भी तैयार नजर आती है। केन विलियमसन चोटिल जरूर हुए, लेकिन लगता नहीं कि उनकी अनुपस्थिति का कोई भी असर इस टीम को हुआ है।

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