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पंजाब के गब्बर ने राजस्थान के गेंदबाजों का धागा खोल दिया

गब्बर की कप्तानी में 6 साल में पहली दफा पंजाब ने अपने पहले दोनों IPL मुकाबले जीते हैं। विराट कोहली के बाद शिखर धवन आईपीएल इतिहास में पचास बार पचास का आंकड़ा पार करने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। शिखर ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंद पर 154 की स्ट्राइक रेट से 9 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। गब्बर के बल्ले से कुल मिलाकर नाबाद 86 रन आए। शिखर शुरुआत में संभल कर खेल रहे थे और पहली 29 गेंद पर उनके बल्ले से सिर्फ 29 रन आए थे। कोई दूसरा बल्लेबाज होता तो रन गति बढ़ाने के प्रयास में विकेट गंवा देता। अपनी टीम को संकट में ला देता। पर शिखर ने इसके बाद एक्सलरेट किया और राजस्थान के दिग्गज गेंदबाजों को मारकर धागा खोल दिया।
पंजाब किंग्स के साथ आईपीएल में सबसे बड़ी समस्या यह रही थी कि टॉप आर्डर का कोई बल्लेबाज अंत तक टिक कर टीम को बड़े स्कोर की तरफ नहीं ले जा पा रहा था। कोलकाता के खिलाफ पहले मुकाबले में खुद शिखर भी 29 गेंद पर 40 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि टीम मुकाबला जीतने में सफल रही थी। दूसरे मैच में शिखर ने टीम को इस परेशानी से उबारा और राजस्थान के तमाम गेंदबाजों को तोड़कर मारा। शिखर को ऐसे देखना बहुत सुकून दे रहा था। ऐसा लग रहा था 2009-10 वाला गब्बर लौट आया।
गुवाहाटी के मैदान पर राजस्थान ने टॉस जीता और पंजाब को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया। बतौर सलामी बल्लेबाज प्रभासिमरन ने धागा खोल दिया। वह 34 गेंद पर 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से धुआंधार 60 रन बनाकर आउट हुए। 90 के स्कोर पर पंजाब को पहला झटका लगा। यहां से भानुका राजपक्षे 1 के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर वापस लौट गए। इस लिहाज से 91 पर 2 विकेट पंजाब गंवा चुकी थी। डर था कि हर बार की तरह इस बार भी अच्छी शुरुआत जाया हो जाएगी और पंजाब किंग्स की टीम बमुश्किल 150-160 तक पहुंच पाएगी। इसी बीच गब्बर के बल्ले की गूंज ने कहा कि पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त…!
शिखर ने सबसे पहले ट्रेंट बोल्ट के दूसरे ओवर की दूसरी लेंथ बॉल पर स्क्वायर लेग की दिशा में खूबसूरत टाइमिंग के बूते चौका हासिल किया। अगली ही गेंद शॉर्ट ऑफ लेंथ डिलीवरी आउटसाइड ऑफ…! गब्बर ने कवर पॉइंट और पॉइंट के बीच में से खेल कर एक और शानदार चौका अपने नाम कर लिया। ये दोनों शॉट्स दिखा रहे थे कि गब्बर पूरी लय में आ चुका है। हालांकि प्रभासिमरन के जाने के बाद जितेश शर्मा भी 16 गेंद पर तेज 27 रन बनाकर लौट गए। सिकंदर रजा 1 रन बना सके। इस दौरान विकेटों के पतझड़ के बीच अगर किसी बल्लेबाज ने रन रेट को कायम रखा, तो वह थे गब्बर।
उन्होंने युजवेंद्र चहल के 12वें ओवर की अंतिम गेंद पर लॉन्गऑन के ऊपर से गगनचुंबी छक्का लगाकर साफ कर दिया कि मिडिल ओवरों में पंजाब किसी भी कीमत पर धीमी बल्लेबाजी नहीं करेगी। जेसन होल्डर के 18वें ओवर की 5वीं फुल लेंथ गेंद पर शिखर ने रिवर्स लैप के जरिए पारी का अपना दूसरा छक्का जड़ा। 19वें ओवर की पहली गेंद पर शफल करते हुए गब्बर ने गेंदबाज की पेस का भरपूर इस्तेमाल किया और विकेट के पीछे छक्का जड़ दिया। गेंदबाज केएम आसिफ भी शिखर धवन से ऐसे कलात्मक शॉट की उम्मीद नहीं कर रहे थे।
शिखर ने हाल ही में बयान दिया था कि मौजूदा फॉर्म के आधार पर चयनकर्ता शुभ्मन गिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। अगर मैं चयनकर्ता होता, तब मैं भी खुद की बजाय गिल को इंडियन टीम का हिस्सा बनाता। गब्बर का साफ दिल होना हमेशा उनके पक्ष में जाता है। शिखर की हालिया फॉर्म जरूर खराब थी, लेकिन उनके क्लास पर किसी को कोई डाउट नहीं था। 56 गेंद पर 86* रनों की इस यादगार पारी के बूते यकीन है कि शिखर अब लंबे वक्त तक फॉर्म कायम रख पाएगा। ICC टूर्नामेंट्स में हिंदुस्तान का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज गब्बर भारतीय विश्व कप टीम में जगह जरूर बनाएगा।

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