केएल राहुल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले 2 टेस्ट में भी प्लेइंग XI में रखा जाएगा। राहुल की लगातार विफलता के बीच इंडियन टीम मैनेजमेंट ने उनके प्रति समर्थन जताया है। कोच राहुल द्रविड़ ने कहा है कि यह हर खिलाड़ी के साथ होता है। हमें उन पर पूरा भरोसा है और हम आने वाले समय में भी उनके साथ खड़े रहेंगे। कप्तान रोहित शर्मा ने अपने साथी ओपनर केएल राहुल के लिए दूसरे टेस्ट के बाद बयान दिया है कि हम राहुल का सपोर्ट करते रहेंगे। इन पिचों पर रन बनाना आसान नहीं है। ये बयान दिल्ली टेस्ट के ठीक बाद आए हैं, जिनकी दोनों पारियों को मिलाकर केएल राहुल के बल्ले से 18 रन निकले।
बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज 2023 के पहले टेस्ट मैच में भी केएल राहुल ने 20 रनों की अति महत्वपूर्ण पारी खेली थी। उनकी शानदार बल्लेबाजी के बदौलत ही भारत ने नागपुर टेस्ट में बगैर दूसरी पारी खेले ऑस्ट्रेलिया को एक इनिंग और 132 रनों से करारी शिकस्त दी थी। अब दूसरा टेस्ट भी टीम इंडिया ने 6 विकेट से जीत लिया है और केएल राहुल की दमदार बल्लेबाजी की बदौलत हमारा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलना लगभग पक्का हो गया है।
केएल राहुल ने अपना टेस्ट डेब्यू 2014 में किया था। इसके बाद से 47 टेस्ट मैचों में वो महज
33.4 की औसत से 2642 रन ही बना पाए है। अब आप बताइए कि क्या कोई बल्लेबाज ऐसे आंकड़ों के साथ इंडियन टीम में अपनी जगह बनाए रख सकता है। शायद नहीं। लेकिन के एल राहुल फेल होने के बावजूद लगातार भारत के तीनों फॉर्मेट में बने हुए है। वो टीम से बाहर सिर्फ तब होते हैं, जब वो चोटिल हो जाएं। फिट होते ही उनका फिर से टीम में चयन हो जाता है।
ऐसा नहीं है कि केएल राहुल का विकल्प इंडियन टीम के पास मौजूद नहीं है, हकीकत यह है कि चयनकर्ता राहुल के अलावा किसी और की तरफ देखना ही नहीं चाहते। केएल राहुल में ऐसा क्या है जो दूसरे खिलाड़ियों में नहीं है, इसका जवाब वर्षों से तलाश किया जा रहा है लेकिन अबतक मिल नहीं सका है।
अजिंक्य रहाणे एक समय पर भारतीय टेस्ट टीम के मध्यक्रम की जान थे, लेकिन जब उनका फॉर्म थोड़ा डगमगाया तो उन्हें टेस्ट टीम से ड्रॉप करने में कोई कोताही नहीं बरती गई। 82 टेस्ट मैचों के बाद 4931 रन बना चुके अजिंक्य रहाणे का औसत 38. 5 का है।
रहाणे के अलावा शिखर धवन एक और ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके आंकड़े केएल राहुल से काफी बेहतर हैं लेकिन उन्हें भी बीसीसीआई ने बहुत जल्दी मान लिया कि वो टेस्ट क्रिकेट खेलने के काबिल नहीं हैं। शिखर धवन ने भारत के लिए खेले 34 टेस्ट मैचों में 40.61 की एवरेज से 2315 रन बनाए हैं। लेकिन चयनकर्ता केएल राहुल को सुपरस्टार बनाने के लिए किसी की भी कुर्बानी दे सकते हैं। इन दोनों के अलावा मयंक अग्रवाल और हनुमा विहारी भी अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वो टीम में क्यों नहीं हैं, इसका जवाब भी बीसीसीआई और चयनकर्ताओं के अलावा दूसरे किसी के पास नहीं है।
मयंक अग्रवाल ने भारत के लिए 21 टेस्ट मैच खेलकर 41.33 की औसत से 1488 रन बनाए हैं। उनकी एवरेज केएल राहुल से काफी बेहतर है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज के लिए शुभ्मन गिल ओपनिंग के लिए सबसे सही विकल्प थे, लेकिन यहाँ भी बीसीसीआई के एल राहुल पर महेरबान नजर आई। पहले टेस्ट में असफल होने के बावजूद उन्हें दूसरे टेस्ट में भी खिलाया गया। जब से केएल राहुल इंडियन टीम में आए हैं, तब से उन्हें टीम से बाहर बैठना सबसे मुश्किल काम रहा है। अगर ओपनिंग में जगह नहीं बनती है, तो उन्हें मिडिल ऑर्डर में फिट कर दिया जाता है।
अगर इसके बाद भी उनकी जगह टीम में नहीं बन पाती है, तो उन्हें विकेटकीपर बनाकर प्लेइंग XI में जगह दे दी जाती है। बस उद्देश्य यह होता है कि उन्हें हर हाल में टीम में खिलाना है। ऐसा लगता है जैसे उन्हें टीम से ड्रॉप करने के लिए जो जिगरा चाहिए, वो किसी के पास है ही नहीं। वरना ऐसे कैसे कोई खिलाड़ी बिना प्रदर्शन के टीम में बना रह सकता है। सरफराज खान की अब बात ही क्या की जाए। लगातार 2 रणजी सीजन में 900 से ज्यादा रन बना चुके खिलाड़ी को सबसे पहले बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज के पहले 2 मुकाबलों की टीम में नहीं चुना गया, अब बाकी बचे 2 मैचों में भी उन्हें जगह नहीं दी गई है।
यह तब है, जब फर्स्ट क्लास क्रिकेट एवरेज के मामले में वह सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। अगर केएल राहुल की खुद की हित की बात करें, तो भी उनके लिए फिलहाल घरेलू क्रिकेट खेलना ज्यादा फायदेमंद नजर आता है। राहुल फिलहाल मैदान पर टिक नहीं पा रहे और ऐसे में उन्हें स्टेप बैक करने से कतराना नहीं चाहिए। उम्मीद है कि कम से कम आने वाले 2 टेस्ट मैचों में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को अवसर दिया जाएगा। केएल राहुल की बजाय तूफानी फार्म में चल रहे शुभ्मन गिल को बतौर ओपनर टीम इंडिया में शामिल किया जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल फिर एक दफा हाथ से फिसल जाएगा। भारत सब कुछ करके भी टेस्ट चैंपियन नहीं बन पाएगा।















